बेंगलरु/दक्षिण भारत यहां होसूर रो़ड स्थित पार्श्व सुशील धाम में आचार्यश्री मुक्तिसागरसूरीश्वरजी की निश्रा में उपधान तप की आराधना के लिए बुधवार को प्रवेश होगा। उल्लेखनीय है कि ४७ दिवसीय इस साधना में करीब २०० से अधिक आराधक भाग लेंगे, इनमें बेंगलूरु सहित समीपी क्षेत्रों के अलावा हैदराबाद, मुंबई व चेन्नई के श्रद्धालु भी शामिल होंगे। अभ्युदय सेवा समिति के मीडिया प्रभारी देवकुमार जैन ने बताया कि जैन धर्म की इस महान तप साधना में साधक ४८ घंटों में मात्र एक बार ही भोजन ग्रहण करते हुए संपूर्ण साधु जीवन में रहता है। यानी ४७ दिनों तक ब्रह्मचर्य के पालन के साथ सिनेमा, टीवी, मोबाइल, परिवहन आदि का भी त्याग किया जाता है। पूरा समय सत्संग, स्वाध्याय व प्रभुभक्ति में बिताया जाता है। समिति के सुरेश बंदामुथा, जयंतीलाल मूथा व गौतम मूथा आदि ने बताया कि ग्रीष्मावकाश में दक्षिण प्रांत में पहली बार हो रही इस साधना में बच्चे व तरुण ब़डी संख्या मंे भाग ले रहे हैं। जैन ने बताया कि इसी क्रम में मंगलवार की शाम को यहां दूधमल बागरेचा परिवार की ओर से उत्तर पारणा रखा गया। बुधवार प्रातः ८.३० बजे सभी तपस्वियों को इस कठोर तप साधना में प्रवेश कराने की विधि प्रारंभ होगी। तप साधना के संचालन मुंबई के कनकभाई कुबि़डया करेंगेतथा इस समस्त आयोजन के लाभार्थी शहर के अनेक उदारमना लोग है।

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