दक्षिण भारत न्यूज नेटवर्क विजयवाडा। स्थानीय भारती नगर स्थित जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के तत्वावधान में शुक्रवार को मुनिश्री संयमरत्नविजयजी व मुनिश्री भुवनरत्नविजयजी ने कहा कि जहां क्लेश होता है वहां भगवान का वास नहीं होता। क्लेश रहित घर, एक मंदिर के समान होता है, यानी ऐसे ही घर में परमात्मा का सदैव निवास रहता है। मुनिश्री ने कहा कि सद्बुद्धि और समझ से क्लेश नष्ट हो सकता है। घर में क्लेश रहित जीवन जी सकें, इतनी कला तो हमें हासिल करनी ही चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां धर्म की यथार्थता है वहां क्लेश नहीं होता। क्लेश रहित जीवन जीना, यही धर्म है। उन्होंने कहा कि दुःख हो तो ’’डिप्रेशन’’ नहीं होना चाहिए और सुख में कभी ’’एलिवेशन’’(उत्साहित) नहीं होना चाहिए तथा सफलता में कभी फूलना नहीं और असफलता में कभी फूटना नहीं चाहिए। मुनिश्री ने कहा कि जिसकी नींद प्रातः ३ बजे से ५ बजे के बीच खुल जाती है, वह दिव्य शक्तियों का मालिक बन जाता है। जो ब्रह्म मुहूर्त में सोया रहता है, उसका पुण्य नष्ट हो जाता है। सूर्योदय के पूर्व उठने वाले पर परमात्मा की कृपा सदा बरसती रहती है और धन,वैभव, बुद्धि की प्राप्ति होने के साथ ही उसका शरीर भी स्वस्थ बना रहता है। रविवार को प्रातः ९ बजे से १२ बजे तक बच्चों एवं अभिभावकों के लिए यहां धार्मिक संस्कार शिविर आयोजित होगा।

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