पोरुर। संतश्री चन्द्रप्रभजी ने कहा कि जीवन में चाहे जैसी परिस्थिति आ जाए हमें हर हाल में खुश रहना चाहिए। हमारे जीवन का यह एक ही मंत्र होना चाहिए। संतश्री बुधवार को सकल जैन संघ द्वारा जैन मंदिर में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गुस्सा और चिंता जीवन की खुशियों को खत्म करने वाले दो मुख्य दुश्मन है। अगर हमें सदाबहार खुश रहना है तो हम चिंता और गुस्से से बचकर रहना जरुरी है। उन्होंने कहा कि जैसे ही सुबह उठें, भगवान को बाद में याद करें, पहले एक मिनिट तक तबीयत से मुस्कुराएं। जो व्यक्ति कार्य करने से पहले मुस्कुरा लेता है उसका हर कार्य प्रभु की पूजा बन जाता है। हर समय मुस्कान से भरे रहना अपने आप में ईश्वर की सर्वोपरि पूजा और भक्ति है। व्यक्ति अपने आप को लॉफिंग बुद्धा अर्थात् हँसता-मुस्कुराता हुआ बुद्ध पुरुष बनाने की सीख देते हुए चंद्रप्रभजी ने कहा कि लाफिंग बुद्धा की मूर्ति लगाने से घर-दुकान के वास्तुदोष दूर होंगे या नहीं होंगे यह पक्का नहीं है, मगर जो स्वयं को ही लाफिंग बुद्धा बना देता है उसके जीवन के सारे दोष अपने-आप दूर हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सुख और दुख प्रकृति और जीवन के हिस्से हैं, साईिकल के पहिए की तरह ये ऊपर-नीचे होते रहते हैं, पर जो सुख के साथ दुख का भी आनंद उठाना जानता है और जीवन में आने वाले नाखुशी के पलों में से नकारात्मकता के न को हटा देता है वह सदाबहार खुश रहता है।

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