वनबंधु परिषद की बैठक में हुआ सम्मान

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बेंगलूरु। एकल विद्यालय अभियान के तत्वावधान में वनबंधु परिषद् संस्था की बैठक शनिवार को जयनगर स्थित आरवी इंस्टीट्यूट ऑ़फ मैनेजमेंट सभागार में सम्पन्न हुई। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रुप में एकल अभियान अमेरिका के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सभापति चुने जाने वाले रमेश भाई शाह उपस्थित थे। स्थानीय संस्था के संरक्षक मुरारीलाल सरावगी, कर्नल आर. अशोक, संयोजक रवि सिंघानिया, सचिन पांडिया द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर व शाल ओ़ढा कर उनका सम्मान किया गया। चैप्टर अध्यक्ष रमेश अग्रवाला ने सभी अथितियों का स्वागत किया ।

एकल विद्यालय ’एक गांव एक शिक्षक वाले विद्यालय’ हैं जो विगत कई वर्षो से भारत के उपेक्षित और वनवासी बहुल सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में एकल अभियान द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण भारत के उत्थान में शिक्षा के महत्व को समझने वाले हजारों समाजसेवी व संगठन इसमें अपना सहयोग दे रहे हैं।

एकल विद्यालय ’’एक गांव एक शिक्षक वाले विद्यालय’’ हैं जो विगत कई वर्षो से भारत के उपेक्षित और वनवासी बहुल सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में एकल अभियान द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण भारत के उत्थान में शिक्षा के महत्व को समझने वाले हजारों समाजसेवी व संगठन इसमें अपना सहयोग दे रहे हैं। आज के इस युग में विद्या दान एक ब़डा दान माना गया है। रमेश शाह पिछले ४८ साल से अमेरिका में प्रवास कर रहे हैं व १९ साल से एकल परिवार से जु़डे हैं । गत वर्ष बेंगलूरु में आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम में उन्हें सामाजिक सहभागिता के उत्कृष्ट कार्य हेतु राष्ट्रपति द्वारा भी सम्मानित किया गया था।

अपने सम्मान के बाद रमेश शाह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई वर्षों पूर्व उन्होंने मणिपुर से कन्याकुमारी तक एकल विद्यालय द्वारा संचालित अनेकों विद्यालयों में रुक कर वहां की स्थानीय संस्कृति को जान समझकर उन स्थानीय परिवारों के लिए उनकी रुचि के अनुरूप पाठ्यक्रम व सांस्कृतिक और ग्रामोत्थान जैसे अनेक कार्यकमों की रूपरेखा तय करने में प्रमुख भूमिका निभाई है। वर्तमान में एकल विद्यालयों में भी डिजिटल शिक्षा के उद्देश्य से सभी को टेबलेट व लेपटॉप युक्त एकल कंप्यूटर बस सेवा की शुरुआत की गई है जिसका पाठ्यक्रम आईआईटी मुम्बई ने तैयार किया है व प्रशिक्षण उपरांत प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है।

संस्था के अध्यक्ष रमेश अग्रवाला ने बताया कि एकल परिवार को भारतीय प्रवासियों से संस्था के कुल खर्च का लगभग ३० प्रतिशत सहयोग विदेशों से मिलता है जिसका २५ प्रतिशत सहयोग रमेश शाह अपने प्रयासों से अमेरिका से एकत्रित करते हैं उन्होंने बताया कि एकल के पंचमुखी शिक्षा के अंतर्गत होने वाली विभिन्न गतिविधियों में सिर्फ प्राथमिक शिक्षा ही नहीं दी जाती बल्कि समाज के उपेक्षित वर्गो को स्वास्थ्य, विकास, स्वरोजगार व संस्कार संबंधी शिक्षा भी दी जाती है। वर्तमान में १५ लाख वनवासी बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध करवाते हुए कर्नाटक के १४७० विद्यालयों सहित पूरे भारत में लगभग ६५ हजार एकल विद्यालय संचालित हो रहे हैं जिन्हें वर्ष २०२२ तक एक लाख विद्यालय करने का लक्ष्य है।कार्यक्रम का संचालन परिषद् के सचिव वैभव गुप्ता ने किया।

कार्यक्रम में सुशील बंसल, अनिल गोयल, सौरभ जवानपुरिया सत्यम तिवा़डी सहित कई सदस्यों ने उपस्थित होकर एकल द्वारा किए जा रहे कार्यो की सराहना की और इस कार्य में पूर्ण सहयोग का संकल्प किया।

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