चेन्नई/दक्षिण भारतसाहित्य के अध्ययन अध्यापन से सृजन चिंतन से ही विश्व का कल्याण संभव है इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वेपेरी के अग्रवाल विद्यालय में गुरुवार को साहित्य सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ईश वंदना से हुआ। मद्रास मेडिकल कॉलेज की उपप्रधानाचार्य श्रीमती डॉ. सुधा शेषन ने मुख्यअतिथि के रुप में कहा कि मातृभाषा तो पूजनीय होती है और साहित्य समाज का दर्पण होता है। हर भाषा का साहित्य अपना एक अलग अस्तित्व रखता है। हमें हर भाषा को सीखने में रुचि रखनी चाहिए और उन भाषाओं की साहित्यिक रचनाओं के बारे में समझना चाहिए। विद्यालय की उप प्रधानाचार्य सुमति ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्वयं को अभिव्यक्त करने के लिए भाषा योग्यता को ब़ढाना आवश्यक है। पांचों विभाग की छात्राओं ने साहित्य सभा के आयोजन में मुख्य उद्देश्य को स्पष्ट किया। छात्रा जयश्री ने कार्यक्रम का संचालन किया।

Facebook Comments

LEAVE A REPLY