नई दिल्ली। पीएनबी धोखाध़डी मामले में कांग्रेस सहित विपक्ष के हमलों का सामना कर रही भाजपा ने बुधवार को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को फिर से निशाने पर लेते हुए कहा कि निहित स्वार्थ के दबाव में चिदंबरम ने कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए ८०/२० गोल्ड स्कीम में नीतिगत बदलाव किया। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवाददताओं से कहा, इस मामले में जो तथ्य हमारे सामने हैं, उससे स्पष्ट होता है कि वर्ष २०१४ के लोकसभा चुनाव परिणाम आने से एक दिन पहले १५ मई को सुपरसोनिक गति से चिदंबरम ने दस्तखत किए और ९ डेस्क से होते हुए यह आगे ब़ढा और आरबीआई ने भी इस पर हामी भर दी।प्रसाद ने कहा कि उनका स्पष्ट रूप से कहना है कि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के कार्यकाल में पसंदीदा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए यह नीतिगत बदलाव किया गया। उल्लेखनीय है कि इस मामले में गीतांजलि ज्वैलर्स सवालों के घेरे में है। प्रसाद ने कहा, १५ मई २०१४ को पी चिदंबरम ने नई नीति की घोषणा की जिसमें स्टार ट्रेड ऑपरेटर्स को प्रीमियम ट्रेडिंग हाउस से जो़ड दिया गया। उन्होंने कहा कि एक परिपत्र के माध्यम से मई २०१४ में एक इतना ब़डा दरवाजा खोल दिया गया। भाजपा नेता ने कहा कि इन ट्रेडिंग हाउसेज को भारत के किसी भी बंदरगाह से २,००० किलोग्राम तक सोना आयात करने की मंजूरी मिल गई और इस दौरान न तो कोई नियंत्रण था और नहीं कोई सत्यापन किया गया और यह एक रैकेट की तरह काम कर रहा था। प्रसाद ने कहा कि अगस्त २०१३ से दो साल पहले तक जिन्होंने हिन्दुस्तान के किसी पोत से अधिकतम सोना आयात किया है, उनके लिए खि़डकी खोल दी गई। यह गंभीर अनियमितता का मामला है जो कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए की गई। उन्होंने कहा कि वह आरबीआई के तब के प्रशासन से भी पूछना चाहते हैं कि उन पर किसका दबाव था? उन्होंने कहा कि आदर्श चुनाव आचार संहिता भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पर भी लागू होता है और ८०/२० गोल्ड स्कीम नीतिगत बदलाव का मामला था। क्या आरबीआई इंतजार नहीं कर सकती थी?उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के कार्यकाल के दौरान पी चिदंबरम ने अपनी पसंदीदा कंपनियों के लिए दरवाजे खोले और यही वजह रही कि जिन कंपनियों को ८०/२० योजना में शामिल होने की अनुमति नहीं थी उन्हें भी इसमें भाग लेने की मंजूरी मिल गई। इस बारे में कई दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए प्रसाद ने कहा कि इस बारे में अपने बयान के लिए क्या कांग्रेस नेता आनंद शर्मा माफी मांगेगे। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन संप्रग सरकार के आखिरी दिनों में ८०/२० स्कीम के तहत निजी कंपनियों को सोना आयात की अनुमति देने को लेकर भाजपा के निशाने पर चल रहे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम का बचाव करते हुए कांग्रेस ने चिदंबरम के खिलाफ भाजपा के आरोपों को झूठा और बेबुनियाद करार दिया है। मंगलवार को कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा था कि हजारों करो़ड के पीएनबी घोटाले से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए सरकार और भाजपा चिदंबरम पर झूठे आरोप लगा रही है। आनंद शर्मा के अनुसार, चिदंबरम के खिलाफ प्रसाद के आरोप तथ्यों से परे हैं।

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