नई दिल्ली/भाषाजम्मू कश्मीर में वर्ष २०१८ में अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा के पास गोलीबारी की घटनाओं में इस साल अब तक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के ११ जवान शहीद हो चुके हैं। यह आंक़डा पिछले पांच सालों में इस अवधि के दौरान सबसे ज्यादा है। जम्मू के रामग़ढ सेक्टर में गोलीबारी की ऐसी ही एक घटना में आज एक सहायक कमांडेंट रैंक के अधिकारी सहित चार बीएसएफ कर्मी शहीद हो गए। पीटीआई-भाषा को प्राप्त आंक़डे के अनुसार इस साल अब तक बिना उकसावे की गोलीबारी की ३२० से अधिक घटनाएं हुई हैं जिसमें ११ बीएसएफ जवान शहीद हुए हैं और ३७ अन्य घायल हुए हैं। इसकी तुलना में पिछले साल सीमा (जम्मू अंतरराष्ट्रीय सीमा) पर बिना किसी उकसावे की गोलीबारी की कुल १११ घटनाएं हुईं, जबकि वर्ष २०१६ में ऐसी २०४ घटनाएं, वर्ष २०१५ में ३५० और वर्ष २०१४ के दौरान १२७ घटनाएं हुईं। पिछले साल स्नाईपरों की फायरिंग और मोर्टार से गोलाबारी के चलते बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए थे और सात अन्य घायल हो गए थे जबकि वर्ष २०१६ में ऐसी घटनाओं में बीएसएफ के तीन जवान शहीद हुए थे और १० अन्य जख्मी हो गए थे। इसी तरह से वर्ष २०१५ में ऐसी ही घटनाओं में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया था और पांच घायल हुए थे, जबकि वर्ष २०१४ में बल के दो जवान शहीद हुए थे और १४ घायल हुए थे। आज अशरफ चौकी से बिना किसी उकसावे के पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में बीएसएफ के सहायक कमांडेंट जितेन्द्र सिंह (३४), सब इंस्पेक्टर रजनीश कुमार (३२) कांस्टेबल हंसराज गुर्जर (२८) और सहायक एस आई राम निवास (५२) शहीद हो गए। अधिकारियों ने बताया कि ‘मोर्चे’’ का संचालन कर रहे एएसआई राम निवास सीमा पार से गोलीबारी का सबसे पहले निशाना बने जबकि एएसआई को निकालने का प्रयास कर रहे बाकी के तीन जवान इसके बाद हुई गोलाबारी में शहीद हो गए। जितेन्द्र सिंह राजस्थान में जयपुर के रहने वाले हैं, रजनीश कुमार उत्तर प्रदेश में एटा के रहने वाले हैं, राम निवास सीकर से और हंसराज गुर्जर राजस्थान में अलवर के रहने वाले हैं। बीएसएफ ने बताया कि इस इलाके में बिना किसी उकसावे के गोलीबारी कल रात करीब नौ बजकर ४० मिनट पर शुरू हुई और आज त़डके तक जारी रही। अर्द्धसैनिक बल ने भी इसका मुंहतो़ड जवाब दिया। उन्होंने कहा कि, संघर्ष विराम उल्लंघन के अलावा पाकिस्तान स्पष्ट तौर पर ऐसे उल्लंघनों का सहारा लेता है और जम्मू अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा पार से लगातार बिना किसी उकसावे गोलीबारी करता है। बीएसएफ प्रवक्ता ने बताया, २९ मई को डीजीएमओ स्तर की वार्ता और चार जून को बीएसएफ एवं पाक रेंजर्स की सेक्टर कमांडर स्तर की वार्ता और १२ जून को टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद जम्मू अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति एवं धैर्य बनाए रखने पर सहमति बनी थी।

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