नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि बजट में घोषित विश्व की सबसे ब़डी चिकित्सा बीमा योजना कैशलेस (नकदीरहित) होगी और इसमें इलाज खर्च अपनी तरफ से करने के बाद भुगतान के लिए दावा करने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इसे अगले वित्त वर्ष से लागू किया जाएगा और जरूरत प़डने पर धन का आवंटन ब़ढाया जाएगा। मोदीकेयर के रूप में चर्चित राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना के तहत कुल आबादी के ४० प्रतिशत यानी १० करो़ड परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आने पर पांच लाख रुपए तक की चिकित्सा बीमा सुरक्षा दी जाएगी। जेटली ने यहां कहा, इसके तहत माध्यमिक और उच्चस्तरीय अस्पतालों में भर्ती के खर्च का बीमा होगा। निश्चित तौर पर इसमें तमाम सरकारी अस्पताल और कुछ चुनिंदा निजी अस्पताल शामिल होंगे। यह योजना विश्वास और बीमा के मॉडल पर आधारित हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसके तरीके पर नीति आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि इसे अगले वित्त वर्ष में क्रियान्वयित किया जाएगा। ओपन मैगजीन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि बीमा मॉडल होने से जैसे जैसे बीमाधारकों की संख्या ब़ढेगी, प्रीमियम कम होगा। जेटली ने योजना के पूरी तरह सरकारी वित्तपोषित होने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि दो हजार करो़ड रुपए की शुरुआती राशि का आवंटन कर दिया गया है। योजना के लागू होने के बाद जितनी भी राशि की आवश्यकता होगी, वह दी जाएगी।

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