चंडीग़ढ। हाल में ग्यारह हजार करो़ड के घोटाले सेे थर्राए पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील मेहता ने दावा किया कि पीएनबी में वर्तमान स्थितियोें से बाहर निकलने की क्षमता और सामर्थ्य दोनों है तथा इसके सभी ग्राहकों व हितग्राहियों के हित सुरक्षित हैं। पीएनबी के शुक्रवार को यहां जारी बयान के अनुसार मेहता ने बैंक के कर्मचारियों को भेजे एक पत्र में यह दावा किया है। मेहता ने लिखा है कि पीएनबी एक संस्थान के रूप में साफ-सुथरी व जिम्मेदार बैंकिंग के आधार स्तंभ पर काम करता है। इसके सिस्टम में अनैतिक कार्यों के लिए बिल्कुल भी सहिष्णुता नहीं है। बैंक ने अपने ग्राहकों के वित्तीय हितों की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए हैं और यह बकाया राशि की वसूली करने के लिए सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है।अपने पत्र में उन्होंने अपने कर्मचारियों से ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित रहने का आग्रह किया। मेहता ने पत्र मेें कहा है, ’’मुश्किल समय हमेशा नहीं रहता, लेकिन मजबूत लोग हमेशा ख़डे रहते हैं। इस समय हमारे कुछ ग्राहक चिंता से ग्रसित होंगे। लेकिन उनकी भावनाओं के प्रति संवेदनशील रहिए और उन्हें भरोसा दिलाइये कि हमारा बैंक उनके भरोसे पर खरा उतरेगा।‘सुनिल मेहता ने कर्मचारियों को लिखे पत्र में कहा हैे कि बैंक ने सालों से सभी हितग्राहियों-ग्राहकों, कर्मचारियों, हितग्राहियों, वेंडर्स, नियामकों और सरकार का विश्वास जीता है। हाल ही में सरकार ने बैंक की वृद्धि में सहयोग करने के लिए इसे ५४७३ करो़ड रु. का आवंटन किया। मैं आप सबको भरोसा दिलाता हूं कि हमारा बैंक सुरक्षित व मजबूत स्थिति में है।देश का पहला स्वदेशी बैंक माने जाने वाले पीएनबी ने राष्ट्रनिर्माण में जो महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अर्थव्यवस्था में किस तरह आधार के रूप में काम किया, इस पर प्रकाश डालते हुए श्री मेहता ने बताया कि बैंक के पास पांच ’’सी’’ की शक्ति है यानि सर्वाधिक कासा शेयर, स्थिर क्रेडिट क्वालिटी, मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, पर्याप्त कैपिटल एवं कम कॉस्ट-टू- इंकम अनुपात। बैंक के सिस्टम एवं प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों में आंतरिक नियंत्रण प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए किए गए कार्य तथा ग्राहकों से व्यापक तौर पर मिलना और विभिन्न चैनलों के माध्यम से ग्राहकों की तकलीफों को दूर करना शामिल है। बैंक ने छोटे जमाकर्ताओं पर लक्ष्य साधकर करेंट एवं सेविंग्स अकाउंट (कासा) पर अपना फोकस ब़ढाने का निर्णय लिया है। बैंक अपने ४० प्रतिशत से अधिक संसाधन कासा के माध्यम से निर्मित कर रहा है।मेहता ने कहा है कि है कि पीएनबी के कर्मचारियों ने इस संस्थान का निर्माण अपने समर्पण व प्रतिबद्धता के साथ किया है। कुछ लोगों के अनैतिक कार्यों से बैंक द्वारा राष्ट्रनिर्माण में निभाई गई भूमिका और समाज में बैंक के अभूतपूर्व योगदान की छवि धूमिल नहीं होनी चाहिए।

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