मैसूरु/दक्षिण भारतभारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेतृत्व ने जिले की वरुणा विधानसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येड्डीयुरप्पा के पुत्र बीवाई विजयेंद्र को अपना प्रत्याशी नहीं बनाने का निर्णय लेकर कार्यकर्ताओं को बेहद नाराज कर दिया है। सोमवार को यह कार्यकर्ता हिंसा पर उतारू हो गए। हालत यहां तक आ पहुंची कि पुलिस को इन्हें तितर-बितर करने के लिए इनके खिलाफ हल्का बल प्रयोग भी करना प़डा। दरअसल, हुआ यह कि नंजनगुड में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में येड्डीयुरप्पा ने खुद ही वरुणा सीट पर मुख्यमंत्री सिद्दरामैया के पुत्र और वरुणा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. यतींद्र के खिलाफ अपने पुत्र को ख़डा न करने के निर्णय की जानकारी दी। इस घोषणा से पार्टी कार्यकर्ताओं का गुस्सा कार्यक्रम स्थल पर ही उबाल मारने लगा। जैसे ही येड्डीयुरप्पा ने अपने पुत्र के स्थान पर डॉ. यतींद्र के खिलाफ किसी आम आदमी को चुनाव ल़डवाने के लिए निर्णय की घोषणा की, वैसे ही कार्यकर्ताओं ने वहां रखी गई कुर्सियां तो़डना शुरू कर दिया। मेजों के साथ ही मंच पर रखा गया माइक भी उखा़ड फेंका गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं को वहां से खदे़डने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना प़डा। इससे पूर्व जनता दल (एस) के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी ने वरुणा सीट पर वीरशैव वोट बैंक का विभाजन रोकने के लिए अपने पूर्व घोषित लिंगायत समुदाय के प्रत्याशी अभिषेक के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को चुनाव ल़डाने की घोषणा की थी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम घोषित होने से ऐन पहले वीरशैव और लिंगायत समुदायों को अलग-अलग धर्म घोषित करने के साथ ही लिंगायतों को राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय का दर्जा देने की सिफारिश के साथ एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। इस कदम के बाद से राज्य में १२ मई को होने जा रहे विधानसभा चुनाव में वीरशैव और लिंगायत समुदायों के वोटबैंक पर सभी दलों की नजरें ग़डी हुई हैं। वहीं, इन समुदायों के रुझानों के बारे में अनिश्चितता का सामना कर रही भाजपा और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौ़डा की अगुवाई वाले जनता (एस) ने चामुंडेश्वरी विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री सिद्दरामैया और वरुणा विधानसभा सीट पर उनके पुत्र डॉ. यतींद्र को हराने के लिए कथित तौर पर गोपनीय समझौता कर रखा है। जहां जनता दल (एस) ने चामुंडेश्वरी सीट पर अपने वरिष्ठ नेता और सिद्दरामैया को एक बार चुनावी शिकस्त का स्वाद चखा चुके जीटी देवेगौ़डा को अपना प्रत्याशी बनाया है वहीं भाजपा ने इस सीट पर अपना तुलनात्मक रूप से कमजोर प्रत्याशी उतारा है। वहीं, अब दोनों पार्टियों ने वरुणा सीट पर अपने प्रत्याशियों के नाम पर जो निर्णय लिया है, उससे डॉ. यतींद्र के लिए जीत एक प्रकार से सुनिश्चित हो चुकी है। उनके सामने चुनाव मैदान में कोई मजबूत प्रत्याशी मौजूद नहीं है। येड्डीयुरप्पा ने आज कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान घोषणा की, ’’हम वरुणा सीट पर एक आम आदमी को अपना प्रत्याशी बनाएंगे क्योंकि हमें पूरा विश्वास है कि भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने वाले मतदाता मुख्यमंत्री सिद्दरामैया की नाकामियों से तंग आ चुके हैं। पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल में सिद्दरामैया अपना कोई भी वादा निभाने में असफल रहे हैं।’’ इतना सुनते ही कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर धमाल मचा दिया और कुर्सियां उठाकर फेंकी जाने लगीं। हालांकि येड्डीयुरप्पा उन्हें मनाने की काफी कोशिश करते रहे लेकिन कार्यकर्ता उनकी एक भी सुनने को तैयार नहीं हुए। उनके गुस्से को देखते हुए पुलिस को कार्यक्रम स्थल पर हस्तक्षेप करना प़डा और कार्यकर्ताओं को बल प्रयोग कर तितर-बितर किया गया। उधर, कार्यकर्ताओं के गुस्से को महसूस करने के बाद येड्डीयुरप्पा ने अन्य वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ मैसूरु के एक होटल में इस मामले में विचार-विमर्श शुरू कर दिया। जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में पार्टी के सांसद और मोलकलमुरु विधानसभा सीट के प्रत्याशी बी. श्रीरामुलु भी शामिल थे।

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