बेंगलूरु/भाषासफेद सफारी सूट पर हरे रंग का शॉल पहने बीएस येड्डीयुरप्पा ने राजभवन में आयोजित समारोह में ‘मोदी-मोदी’’ के नारों के बीच ईश्वर और किसानों के नाम पर गुरुवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मंगलवार को भाजपा के सबसे ब़डी पार्टी बनने लेकिन बहुमत से दूर रहने के साथ खंडित जनादेश से लेकर अब तक नाटकीय घटनाओं की परिणति के लिए आयोजन स्थल तैयार किया गया। राज्यपाल वजुभाई वाला ने येड्डीयुरप्पा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उस समय येड्डीयुरप्पा ने ईश्वर और कर्नाटक के किसानों के नाम पर शपथ लेने का फैसला किया। लिंगायत समुदाय में खासा प्रभाव रखने वाले ७५ वर्षीय येड्डीयुरप्पा ने तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। उन्हें विधानसभा चुनाव में किसानों के मित्र ’’रैयत बंधु’’ के तौर पर पेश किया गया था। राजभवन के लिए रवाना होने से पहले येड्डीयुरप्पा ने यहां राधाकृष्ण मंदिर में दर्शन किए। येड्डीयुरप्पा के साथ केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गा़ै़डा और प्रकाश जाव़डेकर तथा भाजपा महासचिव पी मुरलीधर राव समेत उनके बेटे बीवाई राघवेंद्र और बीवाई विजयेंद्र मौजूद थे। वैदिक मंत्रोच्चार और ‘नादस्वरम’’ वाद्ययंत्र की धुनों के बीच उन्होंने मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की। शपथ लेने के बाद येड्डीयुरप्पा विधान सौधा (विधानसभा), राज्य सचिवालय गए और राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यालय में प्रवेश करने से पहले उन्होंने सीि़ढयों पर माथा टेका। ्यप्प्रप्य्फ् द्बत्र ज्र्‍त्रद्मष्ठ ·र्ैंय् र्ीं्रु्रु र्ड्डैंर्‍फ्ख्रर्‍ द्नद्यह्फ्य् ब्स् कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बीएस येड्डीयुरप्पा ने गुरुवार को कहा कि उन्हें विधानसभा में विश्वास मत जीतने और पांच साल का कार्यकाल पूरा करने का १०० फीसदी भरोसा है। उन्होंने कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन को अपवित्र बताया और आरोप लगाया कि लोगों ने उन्हें पूरी तरह से खारिज कर दिया है लेकिन इसके बावजूद वे सत्ता हथियाने की कोशिश में है। येड्डीयुरप्पा ने कहा, मुझे विश्वास मत में जीत हासिल करने और मेरी सरकार के पांच साल पूरे करने का विश्वास है। उच्चतम न्यायालय में रातभर चली दुर्लभ कानूनी ल़डाई के बाद शपथ लेने के तुरंत बाद येड्डीयुरप्पा ने पहला संवाददाता सम्मेलन संबोधित किया। कांग्रेस-जद (एस) ने सरकार गठन को रोकने के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। येड्डीयुरप्पा ने सभी विधायकों से अपने ‘विवेक’’ के अनुसार और जनादेश बनाए रखने के लिए वोट देने की अपील की। उन्होंने कहा, मुझे सफलता का १०० फीसदी भरोसा है। मेरे पास मेरे और मेरी पार्टी के लिए लोगों का समर्थन है। येड्डीयुरप्पा के सामने अब ११२ विधायकों का समर्थन पेश करने की चुनौती है। भाजपा १२ मई को हुए चुनावों में १०४ सीटें जीतकर सबसे ब़डी पार्टी के तौर पर उभरी। हालांकि चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।

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