मस्कट। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिवरात्रि पर्व के पहले सोमवार को यहां ओमान के सबसे प्राचीन शिव मंदिर जाकर पूजा अर्चना की। प्रधानमंत्री ने बाद में सुल्तान काबूस ग्रांड मस्जिद को भी देखा। उन्होंने मस्जिद की आगन्तुक पुस्तिका में टिप्पणी भी लिखी। इसके बाद वह स्वदेश रवाना हो गए। मोदी ने ओमान की यात्रा के सरकारी कार्यक्रम पूरे करने के बाद दिन में करीब ११ बजे करीब सवा सौ साल पुराने मोतीश्वर महादेव मंदिर पहुंचे तो वहां मौजूद प्रवासी भारतीय समुदाय ने उनका बहुत हर्ष एवं उल्लास से स्वागत किया। उन्होंने इस मंदिर परिसर में श्री आदि मोतीश्वर महादेव मंदिर, श्री मोतीश्वर महादेव मंदिर और श्री हनुमानजी मंदिर में जाकर दर्शन किए और अपने साथ लाए गंगाजल से महादेव का अभिषेक भी किया। प्रधानमंत्री ने पुजारियों एवं मंदिर की प्रबंध समिति के सदस्यों से भी मुलाकात की। यह मंदिर तकरीबन १२५ साल पुराना है और सीब एयरपोर्ट से ३५ किमी दूर पुराने मस्कट के मातराह इलाके में सुल्तान के महल के पास स्थित है। यह खा़डी क्षेत्र के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। इसका जीर्णोद्धार वर्ष १९९९ में कराया गया था। मस्कट रेगिस्तानी क्षेत्र में स्थित है लेकिन इस शिव मंदिर के परिसर में एक कुआं हैं जहां सालभर पानी रहता है। महाशिवरात्रि के दौरान करीब २० हजार हिंदू यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण गुजरात के कच्छ से नाता रखने वाले भाटिया व्यापारी समुदाय के लोगों ने कराया था।

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