मुंबई। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वर्ष २००४ में डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि वह अपनी ‘सीमाओं‘ से भली भांति परिचित थीं। श्रीमती गांधी ने शुक्रवार को यहां ‘इंडिया टूडे’’ के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वर्ष २००४ में कांग्रेस के सत्ता में आने पर नेतृत्व को लेकर अपनी भूमिका पर कहा कि वह अच्छी तरह जानती थीं कि डॉ. मनमोहन सिंह उनकी तुलना में बेहतर प्रधानमंत्री साबित होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी सीमाओं से अच्छी तरह वाकिफ थीं। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यक्रम में बेबाकी से स्वीकार किया कि मुझे स्वाभाविक रूप से भाषण देना नहीं आता, ऐसी स्थिति में मुझे ’’लीडर’’ की बजाय ’’रीडर’’ (भाषण पढने वाला) पुकारा जाता। हाल ही में संपन्न पूर्वोत्तर के तीन राज्यों की मतगणना के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के देश में मौजूद नहीं रहने को लेकर की गई आलोचनों का जवाब देते हुए श्रीमती गांधी ने कहा कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद वह तीन दिन के लिए इटली में अपनी नानी से मिलने गए थे। बेटी प्रियंका गांधी के राजनीति में आने को लेकर किए गए सवाल पर श्रीमती गांधी ने कहा, प्रिंयका फिलहाल अपने बच्चों की देखभाल में व्यस्त हैं। सक्रिय राजनीति में प्रियंका को स्वयं निर्णय लेना है। भविष्य में क्या होगा इस बारे में कोई नहीं जानता है।

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