गांधीनगर। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को कहा कि अधिक से अधिक देशों को शरणार्थियों के प्रति और उदारता दिखाने वाली नीति बनानी चाहिए। सप्ताह भर के भारत दौरे पर आए ट्रूडो ने आईआईएम अहमदाबाद में छात्रों को अपने संबोधन और उनके साथ चर्चा के दौरान कहा कि अधिक से अधिक देशों को अपने यहां आने वाले आव्रजकों का स्वागत करने के लिए और अधिक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा, ऐसा इसलिए नहीं होना चाहिए क्योंकि ऐसा करना ही सही है बल्कि यह इसलिए होना चाहिए क्योंकि जो भी शरणार्थी अपने देश में होने वाले उत्पी़डन से बचने और बेहतर जीवन की उम्मीद में दूसरे देश में आते हैं, वे उनका स्वागत करने वाले देश के प्रति बेहद कृतज्ञ होते हैं।इससे पहले ट्रूडो अपनी पत्नी सोफी और तीनो बच्चों के साथ भारतीय परिधान पहन कर गुजरात की एक दिवसीय यात्रा पर पहुंचे। सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से वह सीधे महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम पहुंचे। वहां उन्होंने, उनकी पत्नी और तीनों बच्चों ने बापू के चित्र और प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। आगंतुक पुस्तिका यानी विजिटर्स बुक में उन्होंने लिखा कि यह आश्रम शांति, नम्रता और सत्य का एक सुंदर स्थल। इसकी आज भी उतनी ही जरूरत है जितनी हमेशा से थी। कुर्ता पजामा पहने ट्रूडो और उनके बच्चों और भारतीय परिधान में ही उनकी पत्नी ने चरखे पर भी हाथ आजमाए। बाद में वह गांधीनगर में अक्षरधाम मंदिर भी गए। वहां उन्होंने इस भव्य मंदिर का दौरा किया। वह मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से भी अहमदाबाद में मिले। रूपाणी ने उन्हें वर्ष २०१९ के वाइब्रैंट गुजरात समिट में आने का निमंत्रण दिया।

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