मुंबई। आईएनएक्स मीडिया मामले की सीबीआई जांच के तहत कार्ति चिदंबरम को रविवार को यहां भायकला जेल लाया गया और उनका इंद्राणी मुखर्जी के साथ आमना सामना कराया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदम्बरम के पुत्र कार्ति चिदम्बरम को सीबीआई की छह सदस्यीय टीम करीब सवा ग्यारह बजे मध्य मुम्बई की बायकुला जेल लेकर आई। कार्ति चिदम्बरम का इंद्राणी मुखर्जी से आमना-सामना कराया गया तथा सीबीआई टीम द्वारा करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई।आईएनएक्स मीडिया (पी) लिमिटेड की पूर्व निदेशक इंद्राणी फिलहाल शीना बोरा हत्या मामले में जेल में बंद है। पूछताछ के बाद सीबीआई टीम जेल से कार्ति चिदम्बरम को साथ लेकर मुंबई हवाई अड्डे चली गई। जेल के अंदर जाते समय कार्ति ने बाहर ख़डे मीडियाकर्मियों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। सीबीआई टीम करीब सवा तीन बजे जेल से बाहर निकली और कार्ति चिदम्बरम ने मुस्कुराते हुए कार के फुटबोर्ड पर ख़डा होकर मीडियाकर्मियों के लिए हाथ हिलाया। सीबीआई अधिकारियों ने वहां से रवाना होने से पहले कार्ति का फुटबोर्ड से उतरने को कहा। कार्ति को एक मार्च को पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा गया था। सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया मामले में दर्ज प्राथिमिकी के सिलसिले में कार्ति को २८ फरवरी को ब्रिटेन से लौटने पर चेन्नई हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया था। वर्ष २००७ में विदेश से ३०५ करो़ड रुपए प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड द्वारा दी गई अनापत्ति में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले साल १५ मई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वर्ष २००७ में कार्ति के पिता वित्त मंत्री थे। अधिकारियों ने पहले बताया था कि कार्ति पर इस मामले में १० लाख रुपए लेने का आरोप है। इस मामले में नया सबूत इंद्राणी मुखर्जी के बयान पर आधारित है जिन्होंने १७ फरवरी को इस मामले में एक मजिस्ट्रेट के सामने सीआरपीसी की धारा १६४ के तहत इकबालिया बयान दिया। उसी के आधार पर कार्ति की गिरफ्तारी हुई। सीबीआई ने आरोप लगाया कि कार्ति ने कर चोरी की जांच रुकवाने के लिए भी आईएनएक्स मीडिया से रिश्वत ली थी। तब इस कंपनी के मालिक पूर्व मीडिया दिग्गज पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी थे। प्रवर्तन निदेशालय ने भी धनशोधन का मामला दर्ज किया है। सीबीआई और ईडी ने चिदम्बरम के मकानों और दफ्तरों की कई तलाशियां लीं। ईडी ने कार्ति से कई बार पूछताछ की। दिल्ली की एक अदालत ने एक मार्च को सीबीआई को कार्ति से पूछताछ के लिए पांच दिन की हिरासत में भेज दिया था। अदालत ने कहा था कि दस्तावेजों और सह आरोपी से आमना-सामना कराने तथा इस मामले में संलिप्त अन्य लोगों की भूमिका की जांच के लिए कार्ति की सीबीआई हिरासत जरुरी है।

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