नई दिल्ली/भाषाकांग्रेस ने ऐतिहासिक लालकिला के रखरखाव की जिम्मेदारी एक निजी समूह को दिए जाने पर शनिवार को सवाल उठाया। कुछ ही दिन पहले एक उद्योग घराने ने पर्यटन मंत्रालय के साथ धरोहर को गोद लेने की उसकी योजना के तहत एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था। सहमति ज्ञापन के तहत द डालमिया भारत समूह धरोहर और उसके चारों ओर के आधारभूत ढांचे का रखरखाव करेगा। समूह ने इस उद्देश्य के लिए पांच वर्ष की अवधि में २५ करो़ड रूपए खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई है।कांग्रेस प्रवक्ता पवन खे़डा ने यहां संवाददाताओं से कहा, वे ऐतिहासिक धरोहर को एक निजी उद्योग समूह को सौंप रहे हैं्। भारत और उसके इतिहास को लेकर आपकी क्या परिकल्पना है और प्रतिबद्धता है ? हमें पता है कि आपकी कोई प्रतिबद्धता नहीं है लेकिन फिर भी हम आपसे पूछना चाहते हैं्। ’’’’उन्होंने सवाल किया, क्या आपके पास धनराशि की कमी है। एएसआई ( भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) के लिए निर्धारित राशि क्यों खर्च नहीं हो पाती। यदि उनके पास धनराशि की कमी है तो राशि खर्च क्यों नहीं हो पाती है? इस परियोजना के लिए इंडिगो एयरलाइंस और जीएमआर समूह दौ़ड में थे। मंत्रालय के अनुसार डालमिया समूह ने १७ वीं शताब्दी की इस धरोहर पर छह महीने के भीतर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने पर सहमति जताई है। इसमें पेएल कियोस्क , स़डकों पर बैठने की बेंच लगाना और आगंतुकों को जानकारी देने वाले संकेतक बोर्ड लगाना शामिल है।समूह ने इसके साथ ही स्पर्शनीय नक्शे लगाना , शौचालयों का उन्नयन , जीर्णोद्धार कार्य करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही वह वहां १००० वर्ग फुट क्षेत्र में आगंतुक सुविधा केंद्र का निर्माण करेगा। वह किले के भीतर और बाहर ३.. डी प्रोजेक्शन मानचित्रतण , बैट्री चालित वाहन और चार्ज करने वाले स्टेशन और थीम आधारित एक कैफेटेरिया भी मुहैया कराएगा। खे़डा की टिप्पणी पर पर्यटन राज्य मंत्री केजे अल्फोंस ने कहा कि गत वर्ष शुरू की गई योजना के तहत मंत्रालय धरोहर स्मारकों को विकसित करने के लिए जन भागीदारी पर गौर कर रहा है।इस वर्ष ३१ मार्च तक की स्थिति के अनुसार संभावित स्मारक मित्रों का चयन किया गया है। इनका चयन निरीक्षण एवं दृष्टि समिति द्वारा किया गया है ताकि ९५ धरोहर स्मारकों पर पर्यटकों के अनुकूल सुविधाओं का विकास किया जा सके।

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