नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग नहीं माने जाने से नारा़ज तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार ने गुरुवार को अपने दोनों मंत्रियों को हटा लिया हालांकि वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में बनी रहेगी। तेदेपा के प्रमुख एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर नागरिक उड्डयन मंत्री पी अशोक गजपति राजू और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री वाईएस चौधरी ने सात लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री निवास पर मोदी से गुरुवार शाम भेंट करके मंत्रिमंडल से अपने त्यागपत्र सौंप दिए। इससे पहले मोदी ने नायडू से टेलीफोन पर करीब दस मिनट बात की थी लेकिन तेदेपा की मांग को लेकर गतिरोध दूर नहीं हो पाया। इस्तीफे सौंपने के बाद राजू और चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि केन्द्र द्वारा राज्य की जनता की मांग नहीं माने जाने के मद्देऩजर उनके पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। उन्होंने साफ किया कि तेदेपा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का अंग बनी रहेगी लेकिन मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री से इन मुद्दों पर हस्तक्षेप की अपेक्षा करना सही नहीं है क्योंकि ये कुछ मंत्रालयों से संबंधित विषय हैं। इन मंत्रालयों ने बहुत समय बर्बाद कर दिया है। जनता की आकांक्षाएं पूरी करने के लिए हम लगातार कोशिश करते रहेंगे। भावी रणनीति पार्टी तय करेगी। तेदेपा लंबे समय से आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने तथा विशेष पैकेज देने की मांग कर रही है। वित्त मंत्री अरुण जेटली के बुधवार के उस बयान के बाद तेदेपा और भाजपा में टकराव और ब़ढ गया जिसमें उन्होंने कहा था कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता है, हालांकि उसे विशेष पैकेज दिया जा रहा है। इसके बाद रात में नायडू ने अमरावती में यह घोषणा कर दी थी कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल उनकी पार्टी के दोनों मंत्री केन्द्र सरकार से त्यागपत्र देंगे।

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