नई दिल्ली। महिलाओं को मानवता की जननी बताते हुए कनाडा की प्रथम महिला सोफी ग्रेगोइर ट्रूडो ने गुरुवार को युवतियों को निडर बनने और सर ऊंचा करके दुनिया का सामना करने की सलाह दी। वैश्विक अभियान ‘शी विल ग्रो इन्टू इट’’ के एशिया शुभारंभ के मौके पर यहां भारतीय छात्राओं को संबोधित करते हुए सोफी ने उनसे कहा कि जो बोल नहीं सकते, उनके लिए आवाज उठाएं और आनंद उठाएं। भारत यात्रा पर आए कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की पत्नी ने कहा कि कई सांस्कृतिक धारणाएं महिलाओं को समाज में कम जगह देने या कई बार समाज से अलग रहने की बात करती हैं, लेकिन यह नहीं होगा। उन्होंने कहा, ल़डकियां और महिलाएं मानवता की जननी हैं और वे पूरी तरह सहभागी नागरिक होंगी और समानता के प्रयासों में पुरुष हमारे सहयोगी हैं। गुजरात के पाटन जिले की १२ छात्राओं ने गुरुवार को उक्त अभियान के तहत सोफी से वार्तालाप किया और अपनी कहानियां साझा कीं। ग्यारहवीं की एक छात्रा की कहानी सुनने के बाद सोफी भावुक हो गईं और उनकी आंखें नम हो गईं। सोफी ने कहा, ल़डकी होने के नाते ब़डे होते हुए आप बहुत सारी चीजों का सामना करेंगी। आप डरा हुआ भी महसूस कर सकती हैं। डर लगना आम बात है, लेकिन मैं आपको बताना चाहती हूं कि आपको दुनिया का सामना करने में साहसी और निडर बनना चाहिए। उन्होंने कहा, सिर ऊंचा करके दुनिया का सामना करें। आवाज उठाएं और जो नहीं बोल सकते, उनके लिए बोलें और, यह सब करते हुए आनंद उठाएं। ट्रूडो और उनके तीन बच्चे भी सप्ताह भर की भारत यात्रा पर आए हैं।

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