बेंगलूरु/दक्षिण भारतभारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अतिरिक्त तकनीकी जांच के लिए भारत में बने अपने सबसे भारी अत्याधुनिक संचार उपग्रह जीसैट -११ के फ्रेंच गुयाना के कोरू से प्रक्षेपण के कार्यक्रम में फेरबदल किया है। इसरो ने यह फैसला ऐसे समय लिया जब कुछ सप्ताह पहले सैन्य एप्लीकेशन वाला उसका संचार उपग्रह जीसैट-६ ए सटीक प्रक्षेपण के बाद लापता हो गया था। जीसैट-११ की २५ मई को एरियाने अंतरिक्ष रॉकेट के साथ अपने मिशन पर रवाना होने की योजना थी। इसमें ५७०० किलोग्राम से अधिक का भार उठाने की क्षमता है। इसरो ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, मई २०१८ में फ्रेंच गुयाना के कोरू से जीसैट-११ के प्रक्षेपण के कार्यक्रम में फेरबदल किया गया है। प्रक्षेपण की संशोधित तारीख बाद में बताई जाएगी। इसरो ने प्रक्षेपण की तारीख में बदलाव का कोई कारण नहीं बताया। हालांकि यूरोपीय अंतरिक्ष ट्रांसपोर्टर ‘एरियानेस्पेस’’ ने अपनी वेबसाइट पर बयान में कहा कि ‘वीए २४३’’ संख्या वाले एरियाने ५ के प्रक्षेपण को उपग्रह की अतिरिक्त तकनीकी जांच के लिए स्थगित किया गया है। इसमें कहा गया कि एरियाने ५ का प्रक्षेपण पहले २५ मई को होना था। जीसैट-११ ३० मार्च को दक्षिण अमेरिका के फ्रेंच गुयाना के यूरोपीय अंतरिक्ष केन्द्र पर पहुंचा था। गौरतलब है कि इसरो ने हाल में कहा था कि उसने २९ मार्च को प्रक्षेपित जीसैट-६ ए से संपर्क खो दिया है और वह इससे जु़डने का प्रयास कर रहा है।

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