ईटानगर। चीन के विरोध के साए के बीच अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सीमावर्ती राज्य के देशभक्ति के जज्बे की सराहना की और कहा कि लोग एक दूसरे का जय हिंद कहकर अभिवादन करते हैं। उन्होंने नई दिल्ली-नहरलगुन एक्सप्रेस का नाम बदलकर अरुणाचल एक्सप्रेस करने की घोषणा की। मोदी की इस दूसरी अरुणाचल प्रदेश यात्रा का चीन ने जबर्दस्त विरोध किया है और उसने भारत से कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाने की अपील की है जिससे सीमा का प्रश्न और जटिल हो जाए। पिछले साल डोकलाम में चीनी सैनिकों के साथ हुए सेना के गतिरोध के बाद प्रधानमंत्री की इस सीमावर्ती राज्य की यह पहली यात्रा है। इससे पहले मोदी ने फरवरी, २०१५ में अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की थी। चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताकर उसपर दावा करता है। मोदी ने यहां जनसभा में कहा, मैं आप सभी से मिले बगैर नहीं रह सकता। अरुणाचल प्रदेश की पारंपरिक वेशभूषा में मोदी ने राज्य सिविल सचिवालय के भवन को लोगों को समर्पित किया, टोमो रीबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंस के अकादमिक ब्लॉक की आधारशिला रखी और दोरजी खांडू राज्य कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने यहां इंदिरा गांधी पार्क में जनसभा में कहा, अरुणाचल प्रदेश की मेरी यात्रा राज्य की तीन अहम परियोजनाओं के संबंध में है। सचिवालय पहले ही चालू हो चुका है और यह राज्य सरकार द्वारा उठाया गया अच्छा कदम है। उन्होंने यह कहते हुए अरुणाचल प्रदेश के लोगों के देशभक्ति के जज्बे की प्रशंसा की कि वे जय हिंद कहकर एक दूसरे का अभिवादन करते हैं।

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