बालासोर। सतह से सतह तक मार करने में सक्षम मध्यम दूरी की अग्नि-दो बैलिस्टिक मिसाइल का मंगलवार को किया गया इस्तेमाल परीक्षण (यूजर ट्रायल) सफल रहा। यह परीक्षण ओडिशा तट पर धर्मा के निकट अब्दुल कलाम द्वीप में चौथे लांचिंग परिसर से किया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ठोस प्रणोदक युक्त सतह से सतह पर मार करने में सक्षम इस द्विस्तरीय मिसाइल का परीक्षण सुबह ८़ ३८ बजे किया गया। यह मिसाइल वर्ष २००४ में पहले ही सेना में शामिल की जा चुकी है और इसका इस्तेमाल सेना के ५५५वें मिसाइल समूह द्वारा किया जाएगा। यह मिसाइल एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (आईजीएमडीपी) का हिस्सा है और दूसरे चरण में ऑनबोर्ड थस्टर्स से युक्त है। इसके दोनों चरणों में ठोस प्रणोदक इंधन प्रणाली का इस्तेमाल किया गया है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक २० मीटर लंबी और एक मीटर परिधि वाली १७ टन वजनी यह मिसाइल एक हजार किलोग्राम का भार ले जाने में सक्षम है और इसकी मारक क्षमता दो हजार किलोमीटर से अधिक है जिसे भार के अनुसार तीन हजार किलोमीटर की दूरी तक ब़ढाया जा सकता है। इसकी खूबी यह है कि इसे रो़ड मोबाइल और रेल मोबाइल लांचर से भी दागा जा सकता है।

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