arjun arya madhya pradesh
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भोपाल। चुनाव से पूर्व कई राजनेता मौका देखकर दल बदल लेते हैं। ​मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजने के बाद एक शख्स ने दल बदला लेकिन उसका यह दांव उल्टा पड़ गया। कांग्रेस का टिकट पाने की उम्मीद में उसने समाजवादी पार्टी छोड़ी। अब कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया है। जानकारी के अनुसार, अर्जुन आर्य सपा छोड़कर इस आस में कांग्रेस में शामिल हुए थे कि उन्हें टिकट दे दिया जाएगा, जबकि टिकट किसी और को मिल गया है।

अब उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार के लिए प्रचार करके ही संतोष करना पड़ेगा। शुक्रवार को ही नामांकन की आखिरी तारीख थी। अर्जुन आर्य बुधनी से कांग्रेस का टिकट चाहते थे। यहां से प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने अर्जुन आर्य के बजाय अरुण यादव को टिकट दे दिया है। इससे पहले अर्जुन को सपा की ओर से बुधनी विधानसभा क्षेत्र से टिकट मिल गया था, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं थे।

अर्जुन आर्य बुधनी में चुनाव प्रचार कर चुके थे और कई इलाकों में लोग उनकी चर्चा करने लगे थे। उस समय वे कांग्रेस नेताओं के संपर्क में आए और उन्हें लगा कि अगर सपा के बजाय कांग्रेस में चले जाएं तो उनका प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस ने उन्हें टिकट का आश्वासन दिया था। यह भी चर्चा है कि एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने उन्हें पार्टी में लाने में अहम भूमिका निभाई थी।

आखिरकार अर्जुन आर्य सपा छोड़कर कांग्रेस में आ गए। जब ​कांग्रेस की ओर से विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की गई तो उसमें उनका नाम नदारद था। इस तरह टिकट काटने पर अर्जुन आर्य को झटका लगा है। अब उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि अरुण यादव के पक्ष में प्रचार करेंगे।

क्षेत्र में चर्चा है कि अर्जुन आर्य से खुद को मिल रही चुनौतियों से निपटने के लिए कांग्रेस नेताओं ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर पहले तो सपा के टिकट से वंचित किया। फिर खुद की पार्टी का टिकट भी उन्हें न देकर अरुण यादव को थमा दिया। इस तरह उन्होंने कांग्रेस की स्थि​ति को बेहतर करने के लिए दांव चला। अब इस कदम से कांग्रेस को कितना फायदा होगा, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन बुधनी सहित मध्य प्रदेश में इस घटना की खूब चर्चा हो रही है।

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