नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में हुए घोटालों, कावेरी जल प्रबंधन तथा आन्ध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दों को लेकर विपक्षी सदस्यों ने सोमवार को संसद में भारी हंगामा किया जिसके कारण कोई कामकाज नहीं हो सका और दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन विपक्षी दलों ने बैंक घोटाले तथा कावेरी के मुद्दों और सत्तापक्ष के घटक दल तेलुगु देशम पार्टी तथा वाईएसआर कांग्रेस ने आन्ध्र प्रदेश के मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा किया जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही एक बार तथा राज्यसभा की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह लोकसभा अध्यक्ष अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की, वैसे ही तेलुगुदेशम पार्टी के सदस्य हाथों में पीले रंग की तख्तियां लेकर आसन के पास जमा हो गए। उनके पीछ वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य भी आ गए। तख्तियों में आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग के समर्थन में नारे लिखे थे। अन्नाद्रमुक के सदस्य भी सदन के बीचोंबीच आ गए लेकिन शोरशराबे में उनकी मांगें सुनाई नहीं दीं। तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के सदस्य बैंकों में घोटाले का मामला उठा रहे थे। उन्होंने ’’नीरव मोदी कहां गया’’ के नारे लगाए। उधर, राज्यसभा में सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सभापति एम वेंकैया नायडू ने जरुरी विधायी कार्य निपटाए। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के सदस्य पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुद्दे को उठाते हुए सभापति के आसन के पास आ गए। इस बीच आंध्रप्रदेश के सदस्य भी हाथ में पोस्टर लिए आ गए और उनके पीछे-पीछे अन्नाद्रमुक के सदस्य भी हंगामा करते हुए आसन के करीब पहुंच गए। नायडू ने हंगामा कर रहे सदस्यों को अपनी सीट पर जाने को कहा लेकिन वे नहीं माने और हंगामा करते रहे तो सभापति ने सदन की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो ये सदस्य फिर उनके आसन के पास आ गए। इस बीच सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आ़जाद भी अपनी बात कहने के लिए उठे पर हंगामे के कारण वे कुछ नहीं बोल सके।

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