मुंबई। करीब पांच दशक तक अपने दमदार अभिनय, बोलती आंखों, शोख मुस्कान और दिलकश अदाओं से सिने प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाली दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी का दुबई में शनिवार रात दिल का दौरा प़डने से निधन हो गया। महज ५४ साल की उम्र में अभिनेत्री के असामयिक निधन से उनका पूरा परिवार सदमे में है। बॉलीवुड की चांदनी इस दुनिया से अचानक रूख्सत हो गई। कभी बॉक्स ऑफिस पर सफलता की पर्याय मानी जाने वाली श्रीदेवी दुबई में अपने भतीजे मोहित मारवाह के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए अपने परिवार के साथ गई थीं। श्रीदेवी ने अपनी अंतिम सांस दुबई में ली जहां वह अपने परिवार के साथ अपने भतीजे मोहित मारवाह के विवाह समारोह में शामिल होने गई थीं। श्रीदेवी के परिवार से जु़डे एक सूत्र ने बताया कि विवाह समारोह के बाद कुछ संबंधी दुबई से भारत लौट आए थे, लेकिन श्रीदेवी और उनकी छोटी बेटी खुशी दुबई में रुक गई थीं। श्रीदेवी की ब़डी बेटी जाह्नवी अपनी पहली फिल्म ध़डक की शूटिंग की वजह से मुंबई में ही थीं, लेकिन दुर्भाग्य से श्रीदेवी अपनी बेटी की पहली फिल्म देखने के लिए अब इस दुनिया में नहीं हैं। ध़डक मराठी ब्लॉकबस्टर सैराट की रीमेक है। पांच दशक लंबे कैरियर में उन्होंने सदमा, चांदनी, लम्हें से लेकर इंग्लिश विंग्लिश और मॉम आदि फिल्मों में विविधतापूर्ण किरदारों को पर्दे पर सजीव बनाया। फिल्म निर्माता बोनी कपूर से विवाह करने वाली श्रीदेवी की दो पुत्रियां जाह्नवी और खुशी हैं। श्रीदेवी ने वर्ष १९८० और १९९० के दशक में रूपहले पर्दे पर राज किया। अभिनय के मामले में न तो उनके जैसी और न ही उनसे पहले ऐसी कोई अभिनेत्री हुई, जिसने इतने लंबे समय तक सिनेमा जगत में यह कारनामा किया। अधिकतर समय उनका नाम ही फिल्म की सफलता की गारंटी होता था। वास्तविक जीवन में बेहद शर्मीले स्वभाव की श्रीदेवी कैमरे के सामने आते ही जीवंत हो उठती थीं। अपने नृत्य की थाप पर लोगों को थिरकने के लिए मजबूर कर देने वाली श्रीदेवी को उनके प्रशंसक मिस हवा हवाई और चांदनी के नाम से भी याद करते हैं। वर्ष २०१३ में देश के चौथे सबसे ब़डे नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित की जा चुकीं श्रीदेवी ने अपने अभिनय की शुरुआत चार साल की उम्र में की थी। उनकी पहली फिल्म वर्ष १९६९ में आई तमिल फिल्म एमए तिरुमुगम की तुनाइवन थी। तमिल, मलयालम, तेलुगु ओर कन्ऩड फिल्मों में अभिनय की अपनी सफल पारी के बाद श्रीदेवी दक्षिण भारतीय फिल्मों का एक लोकप्रिय चेहरा बन गईं, लेकिन बॉलीवुड में कदम रखते ही देश के घर-घर में उनकी पहचान बनी। बॉलीवुड में उन्होंने वर्ष १९७५ में हिट फिल्म जूली में बाल कलाकार के तौर पर अपने अभिनय की शुरुआत की थी। वर्ष १९७८ में फिल्म सोलवां सावन में बतौर मुख्य अभिनेत्री उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। यह फिल्म श्रीदेवी को पहचान नहीं दे पाई लेकिन पांच साल बाद श्रीदेवी फिल्म हिम्मतवाला में अभिनेता जीतेंद्र के साथ आईं और इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तो धूम मचाई ही साथ ही इसके गीत नैनों में सपना में श्रीदेवी के नृत्य ने भी लोगों को खूब दीवाना बनाया।

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