food for healthy life
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बेंगलूरु। स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि आपको अपनी सेहत से जुड़ी हर जानकारी हो। स्वस्थ व्यक्ति को दिन में दो बार या चार बार नहीं बल्कि पांच बार भोजन करना चाहिए। अनियमित जीवनशैली और एक ही बार में अत्यधिक मात्रा में ज्यादा बार भोजन करने से यह आपको फिट की जगह ‘फैट’ बना देता है। अगर आप थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ खाते रहते हैं तो आपका मैटाबोलिज्म तेज होता है और आप ‘फैट’ की जगह फिट हो जाते हैं। हर व्यक्ति को अपने जीवन में दो अहम बातों का अनुसरण करना चाहिए: खानपान और फिजिकल एक्सरसाइज।

अक्सर ऐसा होता है कि सुबह अच्छे से नाश्ता करने के बाद भी आपको लंच तक भूख लगती रहती है। ऐसे में इस भूख को शांत करने के लिए आप कुछ ऐसी चीजें खा चुके होते हैं, जो शरीर में फैट का निर्माण कर वजन बढ़ाती हैं। इन चीजों से आपकी भूख तो शांत हो जाती है लेकिन आपका वजन भी बढ़ जाता है। यदि आपके साथ ऐसा कई बार होता है तो अपने खाने के नियम एवं समय में बदलाव लाएं और तीन बार खाना खाने की जगह पर पांच बार भोजन करें।

कई हैं लाभ?
यदि आप तीन बार बड़ी मील्स खाने की बजाय पांच बार खाना खाते हैं तो आपको कई तरह से फायदा मिल सकता है। थोड़े-थोड़े अंतराल में खाना खाने से आपके शरीर की एनर्जी हमेशा बनी रहती है। आपको हर समय भूख भी महसूस नहीं होगी। साथ ही अगर पेट भरा है तो मन किसी भी चीज को खाने के लिए ललचाएगा नहीं। बार-बार खाना खाने से ब्लड में शुगर का लेवल भी नियंत्रित रहेगा। इससे आपका पाचन तंत्र भी सक्रिय और स्वस्थ रहता है।

इन बातों का रखें ख्याल
* सबसे पहले अगर आप पांच बार खाना खा रहे हैं तो अपने खाने की मात्रा पर ध्यान दें, सही मात्रा में खाना खाएं न कि ढेर सारा।
* अपने हर मील में प्रोटीन और फाइबर को शामिल करें।
* स्वस्थ विकल्पों का चुनाव करें।
* खाना सिर्फ पेट भरने और स्वाद देने वाला माध्यम नहीं है बल्कि यह शरीर को स्वस्थ बनाने का अहम जरिया है। इसलिए पांच बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं और अपने पाचन तंत्र के साथ-साथ अपने सम्पूर्ण स्वास्थ्य को लाभ पहुचाएं।

कैसा हो खानपान?
पुराने समय में ऐसा कहा जाता था कि नाश्ता राजाओं की तरह करें, दोपहर का भोजन आम आदमी की तरह करें और रात का खाना भिखारियों की तरह खाएं। मतलब कि आपको ब्रेकफास्ट भरपेट करना है, लंच हल्का करना है और डिनर बहुत हल्का।

क्या न खाएं?
* ब्रेकफास्ट के साथ चाय न पीएं। ब्रेकफास्ट के एक घंटे बाद आप चाय ले सकते हैं। दिन में दो से तीन कप चाय ठीक है। इससे ज्यादा न लें।
* अपने खानपान में शाकाहार को प्राथमिकता देने की कोशिश करें।
* रिफाइंड या प्रोसेस्ड चीजें न खाएं। कार्बोहाइड्रेट में आटा और मोटा चावल प्राकृतिक और अनप्रोसेस्ड हैं, जबकि कॉर्न फ्लेक्स प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की श्रेणी में आता है।
* इसी तरह नूडल्स, पिज्जा, बर्गर, नमकीन, बिस्कुट और बाकी तमाम पैकेटबंद चीजें प्रोसेस्ड हैं। इनसे जितना हो सके बचने की कोशिश करें।
* बहुत ठंडी चीजें न खाएं, न ही ठंडा दूध पिएं।
* मैदा और सूजी से बनी चीजों का सेवन कम से कम करने की कोशिश करें।
* मिठाई कम-से-कम खाएं और अगर घर की बनी हो तो बेहतर है। तली हुई मिठाई जैसे जलेबी, इमरती, गुलाबजामुन आदि से बचें लेकिन बर्फी, छेना मिठाई ठीक हैं।

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