मुंबई। राजनीतिक दल हों या कोई और, अपने अपने स्वार्थवश भले ही विभिन्न धर्म संप्रदाय के लोगों को लड़ाएं, भड़काएं या सभी धर्मों में चंद ऐसे लोग जो उन्माद फैलाने के समर्थक हैं वे समय समय पर साम्प्रदायिक जहर फैलाएं परंतु मुंबई में आई कल और आज की बारिश ने यह साबित कर दिया है कि इंसानियत के धर्म को मानने वालों की भी कोई कमी नहीं है। इसीलिए मुंबई में भारी बारिश में फंसे लोगों की बिना किसी जाति संप्रदाय के भेदभाव के अनेक छोटे बड़े संगठन, सब इंसानों की मदद कर रहे हैं।

इतना ही नहीं, इंडिविजुअल्स ने भी सबके लिए अपने घर के दरवाजे खोल दिए हैं। लोग अपने घर पर उन लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं जो उनके आसपास फंस गए हों और अपने घर नहीं पहुंच पा रहे हों। ज्ञातव्य है कि मुबई में बहुत सारे लोग कल से ही अपने घर नहीं लौट पाए हैं और भूखे प्यासे, जहां अटके थे वहीं अटके हुए बारिश रुकने का इंतजार कर रहे हैं। एक दूसरे की मदद करने को लालायित लोगों की पेशकश की सर्वत्र प्रशंसा हो रही है।

 

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