कोलंबो/माले। मालदीव के निर्वासित पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने अपने देश में जारी राजनीतिक संकट के हल के लिए मंगलवार को भारत से सैन्य हस्तक्षेप करने की अपील की। मालदीव में न्यायपालिका और राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन के बीच टकराव गहरा गया है। राष्ट्रपति यमीन ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है और सेना ने देश की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य न्यायाधीश अब्दुल्ला सईद और एक अन्य न्यायाधीश अली हमीद को राष्ट्रपति की ओर से आपातकाल की घोषणा किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। उनके खिलाफ किसी जांच या किसी आरोप की जानकारी भी नहीं दी गई। विपक्ष का समर्थन कर रहे पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम को भी उनके आवास पर हिरासत में ले लिया गया। राष्ट्रपति यमीन ने न्यायाधीशों पर आरोप लगाया कि वह उन्हें अपदस्थ करने की साजिश रच रहे थे और इस साजिश की जांच करने के लिए ही आपातकाल लगाया गया है। मंगलवार को टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए यमीन ने कहा, हमें पता लगाना था कि यह साजिश या तख्तापलट कितना ब़डा था। इस बीच भारत ने मंगलवार को कहा कि मालदीव में जेल में बंद विपक्षी नेताओं को रिहा करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवज्ञा के बाद सरकार की ओर से आपातकाल की घोषणा से भारत चिंतित है। विदेश मंत्रालय की ओर से यहां जारी एक बयान में कहा गया, मालदीव के लोगों के संवैधानिक अधिकारों को स्थगित करना, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों और राजनीतिक दलों के नेताओें की गिरफ्तारी जैसी घटनाएं भारत के लिए चिंता का विषय है और भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

Facebook Comments

LEAVE A REPLY