नई दिल्ली। भारत और इस्राइल ने आतंकवाद को शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा करार देते हुए आतंकवादियों और उन्हें पनाह एवं वित्तीय मदद देने वालों के खिलाफ क़डे कदम उठाने की जरूरत बताई है और रक्षा एवं सुरक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग ब़ढाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी स्थिति में आतंकवादी गतिविधियों को जायज नहीं ठहराया जा सकता है।

नई दिल्ली। भारत और इस्राइल ने २५ साल पुराने अपने राजनयिक संबंधों को दोनों देशों की जनता के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए आगे ब़ढाने के नए संकल्प के साथ सोमवार को परस्पर सहयोग के नौ करारों पर हस्ताक्षर किए जिनमें साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, हवाई यातायात से लेकर होम्योपैथिक उपचार और नवीकरणीय ऊर्जा के भंडारण के क्षेत्र में सहयोग के समझौते शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच यहां हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय शिखर बैठक में ये फैसले लिए गए। बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव एस. जयशंकर, विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) विजय गोखले, भारत में इस्राइल के राजदूत डेनियल कारमेन उपस्थित थे।बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मोदी ने हिब्रू भाषा में नेतन्याहू का स्वागत किया। उन्होंने कहा, मेरे प्रिय मित्र, आपका भारत में स्वागत है। आपकी यात्रा के साथ हमारे नववर्ष के कैलेण्डर में विशेष पर्व शुरू हो गए है। मकर संक्रांति, पोंगल, बीहू आदि। मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने अपने संबंधों में प्रगति की समीक्षा की है और उन्हें आगे ले जाने वाले अवसरों के सहारे आगे ब़ढाने का निश्चय किया। उन्होंने कहा, हमने अपने पुराने फैसलों के क्रियान्वयन को लेकर उत्सुकता भी साझा की। इसके परिणाम ़जमीन पर दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि आज की बातचीत में संबंधों को मजबूत बनाने और साझेदारी को व्यापक बनाने पर सहमति कायम हुई। मोदी ने कहा, गत वर्ष जुलाई में मैं सवा अरब भारतीयों की मित्रता के संदेश को लेकर इस्राइल की यादगार यात्रा पर गया था। बदले में मुझे मेरे मित्र बीबी (बेंजामिन नेतन्याहू) के नेतृत्व में इजरायली लोगों के स्नेेह एवं प्यार ने अभिभूत कर दिया।‘नेतन्याहू ने भी अपने भावपूर्ण वक्तव्य में मोदी को ’’क्रांतिकारी नेता’’ बताया और कहा कि वह भारत में क्रांति लाए हैं और भविष्य का खाका भी तय कर रहे हैं। मोदी की इस्राइलयात्रा सचमुच एक क्रांतिकारी थी क्योंकि वह पहले भारतीय नेता हैं जिन्होंने इजरायल की यात्रा की। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज के साथ ३००० साल पुराने संबंधों में यहूदी समुदाय ने कभी भी भेदभाव अनुभव नहीं किया जैसा अन्य देशों में होता है, यह भारत की महान सभ्यता, सहिष्णुता एवं लोकतंत्र का सदाशयता का परिणाम है।

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