पेशावर। पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में स्वात घाटी में २०१३ के बाद हुए पहले ब़डे हमले में एक तालिबानी आत्मघाती हमलावर सशस्त्र बल इकाई के प्रतिबंधित इलाके में प्रवेश कर गया और बॉलीवॉल खेल रहे जवानों के नजदीक खुद को उ़डा लिया। इस हमले में सेना के ११ जवानों की मौत हो गई और १३ अन्य घायल हो गए। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन्स ने बताया कि शनिवार को हमलावरों ने सशस्त्र बल इकाई के खेल क्षेत्र को निशाना बनाया और हमले में मारे गए सैनिकों में से सात गंभीर रूप से घायल हुए थे। मारे जाने वालों में पाकिस्तानी सेना का एक कैप्टन भी शामिल है। मीडिया शाखा ने बताया कि स्वात जिले की कबाल तहसील में हुए विस्फोट में १३ लोग घायल हुए हैं। घायल लोगों को स्वात में मिनगोरा के साइदू टीचिंग अस्पताल ले जाया गया है। स्वात में सेना अधिकारियों के हवाले से द न्यूज ने खबर दी है कि शनिवार शाम कबाल में अपने सैन्य शिविर के बाहर सैनिक बॉलीवॉल का एक मैच खेल रहे थे। उसी समय एक युवा आत्मघाती हमलावर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने में सफल हो गया और सैनिकों के नजदीक खुद को उ़डा लिया। समाचार पत्र ने कहा है कि अफगानिस्तान स्थित पाकिस्तानी तालिबानी ने तत्काल हमले की जिम्मेदारी ली है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रवक्ता मोहम्मद खुरासानी ने दावा किया कि उन्होंने एक आत्मघाती हमलावर सिद्दिकीकुल्लाह को स्वात में सैन्य शिविर पर आत्मघाती हमला करने के लिए भेजा था। सेना ने इलाके को घेर लिया और एक तलाशी अभियान शुरू किया है। तालिबान ने निकट भविष्य में और हमले करने की चेतावनी भी दी है।स्वात घाटी में तालिबान ने आखिरी बार जनवरी २०१३ में घातक हमला किया था। उस समय आतंकवादी एक धार्मिक केन्द्र में घुसे और २१ लोगों की हत्या कर दी थी और ७० अन्य को घायल कर दिया था। प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने हमले की क़डी निंदा की है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष नवाज शरीफ और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान ने भी हमले की निंदा की है।

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