नई दिल्ली/मुंबई। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को बताया कि पश्चिम अफ्रीका के बेनिन के तट के पास एक फरवरी को लापता हुए एक तेल टैंकर को बरामद कर लिया गया है। इस तेल टैंकर के चालक दल के सभी २२ सदस्य भारतीय हैं। अधिकारियों ने बताया कि समुद्री डाकुओं ने चार दिन बाद चालक दल के सभी सदस्यों को छो़ड दिया है। वे सुरक्षित हैं और जहाज ने आगे का अपना सफर शुरू कर दिया है। सुषमा ने ट्वीट किया, मुझे आपको यह जानकारी देते हुए खुशी हो रही है कि मार्चेंट शिप मरीन एक्सप्रेस को छो़ड दिया गया है। इसपर २२ भारतीय नागरिक सवार थे। विदेश मंत्रालय ने मामले में मदद के लिए नाइजीरिया और बेनिन की सरकार का धन्यवाद किया। सुषमा ने लापता तेल टैंकर का पता लगाने में मदद मांगने के लिए कल नाइजीरिया के अपने समकक्ष से बात की थी। अबुजा में भारतीय मिशन जहाज का पता लगाने के लिए नाइजीरिया और बेनिन के संपर्क में था। मुंबई में नौवहन की महानिदेशक मालिनी शंकर ने पीटीआई भाषा को बताया, मरीन एक्सप्रेस नाम के जहाज को छो़ड दिया गया है और यह अब कप्तान की कमान में है। अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि पोत और सामान को छु़डाने के लिए फिरौती दी गई है या नहीं। मरीन एक्सप्रेस को बेनिन में गिनी की खा़डी में एक फरवरी को समुद्री डाकुओं ने अगवा कर लिया था। पोत पर मौजूद सभी संपर्क प्रणालियों को समुद्री डाकुओं ने बंद कर दिया था। जहाज मैनिंग एजेंट एंग्लो ईस्टन ने फेसबुक पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि पनामा के ध्वजवाहक इस पोत को समुद्री डाकुओं ने अगवा कर लिया था। उन्होंने जहाज को सुरक्षित छो़डे जाने की पुष्टि की। पोस्ट में बताया गया है कि जहाज में १३,५०० टन गैसोलिन अब भी है। नौहवन महानिदेशालय (डीजीएस) के एक अधिकारी ने पहले बताया था कि समुद्र के जिस हिस्से से पोत को अगवा किया गया है वह असुरक्षित है क्योंकि इलाका समुद्री डाकुओं से भरा है।इस तरह की भी घटनाएं है कि समुद्री डाकुओं ने फिरौती की मांग किए बिना जहाज पर मौजूद सामान को लेकर पोत और चालक दल के सदस्यों को जाने दिया है। इस घटना के संबंध में डीजीएस के अधिकारियों ने नाइजीरिया में भारतीय मिशन से संपर्क किया जो स्थानीय एजेंसियों के साथ बचाव प्रयासों में समन्वय कर रहा था।

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