नई दिल्ली। भारत ने इजरायली कंपनियों को यहां व्यापार करने के लिए उनकी चिंताओं को दूर करने तथा उनके लिए चीजों को आसान बनाने का सोमवार को आश्वासन दिया।औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (डीआईपीपी) के सचिव रमेश अभिषेक ने कहा कि प्रक्रियाओं, आयात शुल्क, कर तथा लाइसेंस को लेकर कुछ मुद्दे हैं जिससे इजरायली कंपनियां परेशान हो रही हैं।उद्योग मंडल सीआईआई द्वारा आयोजित भारत-इजरायल व्यापार नवप्रवर्तन मंच की बैठक में उन्होंने कहा, मैं इजरायली कंपनियों के यहां व्यापार करने को लेकर आपको सभी समस्याओं के समाधान तथा चीजों को आसान और बेहतर बनाने का आश्वासन देता हूं। सचिव ने कहा कि मुद्दों को संबंधित मंत्रालयों और विभागों के समक्ष रखा गया है। उन्होंने कहा, हम पिछले कुछ महीनों में कुछ चीजें कर पाने में सफल रहे हैं और कई पर प्रगति हो रही हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत यात्रा पर आए हुए हैं। उनकी अगुवाई में इजरायल का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल यहां आया हुआ है जिसमें १०२ इजरायली कंपनियों के १३० उद्योगपति एवं शीर्ष कार्यकारी शामिल हैं। भारत में अप्रैल २००० से सितंबर २०१७ के दौरान १३ करो़ड डॉलर एफडीआई आया। इसी कार्यक्रम में इजरायल के अर्थव्यवस्था मंत्रालय के व्यापार आयुक्त ओहाद कोहेन ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री की यात्रा से दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते का रास्ता आसान होगा। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार २०१६-१७ में ब़ढकर ५ अरब डॉलर रहा जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में ४.९१ अरब डॉलर था। कार्यक्रम के दौरान भारत के उभरते उद्यमियों के लिए स्टार्टअप चुनौती की घोषणा की गई। स्टार्टअप एक्सीलरेटर मास चैलेंज इजरायल ने देशपांडे फाउंडेशन और नासकॉम इंडिया ने भारतीय स्टार्टअप के लिए प्रतियोगिता कार्यक्रम की घोषणा की है। इसके तहत १० भारतीय स्टार्टअप तक को ५,०००-५,००० डॉलर मिलेंगे। इसके अलावा चुने गए भारतीय स्टार्टअप अंतिम दौर में पहुंचने वाले अन्य मास चैलेंज इजरायल २०१८ से यरूशलम में चार महीने के लिए जु़डेंगे। वहां उन्हें ५,००० रुपए नकद पुरस्कार तथा दो अमेरिकी बाजारों में पहुंच का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें चार महीने के लिए मुफ्त कार्यालय जगह तथा उनकी जरूरत के हिसाब से संरक्षण मिलेगा।आईटी कंपनी टेक महिंद्रा ने भी रणनीतिक कार्यक्रम इजरायल में टेक एम नेक्स्ट की घोषणा की।

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