मैसूरु/ दक्षिण भारतभारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय नेतृत्व ने अपने मुख्यमंत्री प्रत्याशी बीएस येड्डीयुरप्पा के पुत्र बीवाई विजयेंद्र को जिले की वरुणा विधानसभा सीट से चुनाव न ल़डाने का निर्णय लिया है और यह फैसला ही अंतिम है। येड्डीयुरप्पा ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में खुद ही यह बात स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि विजयेंद्र के स्थान पर वरुणा सीट के लिए जल्दी ही पार्टी अपने नए प्रत्याशी का निर्णय लेगी। उन्होंने कहा, ’’हम एक अन्य सक्षम उम्मीदवार को अपना प्रत्याशी बनाने जा रहे हैं। वहीं, विजयेंद्र को भाजपा संगठन में उचित स्थान दिया जाएगा। फिलहाल वह वरुणा सीट पर चुनाव प्रचार टीम की अगुवाई करेंगे और आगामी २० दिनों तक इस सीट पर पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करते रहेंगे।’’ वहीं, एचडी कोटे के भाजपा प्रत्याशी सिद्दराजू ने कहा कि वह दो घंटे तक नए प्रत्याशी का नाम घोषित होने का इंतजार करेंगे और इसके बाद भाजपा हाईकमान के निर्णय के आधार पर अपने अगले कदम के बारे में निर्णय लेंगे। उल्लेखनीय है कि मैसूरु और चामराजनगर जिलों के भाजपा प्रत्याशियों ने विजयेंद्र को वरुणा सीट पर चुनाव नहीं ल़डाए जाने की स्थिति में अपना नामांकन पत्र वापस लेने की चेतावनी दे रखी है। वहीं, कर्नाटक में भाजपा के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जाव़डेकर आज खुद ही स्थिति संभालने के लिए मैसूरु पहुंच गए्। उन्होंने पार्टी के १४ प्रत्याशियों के साथ विचार-विमर्श कर उनसे जल्दबाजी में कोई कदम न उठाने के लिए मनाने की कोशिश की। सूत्रों ने बताया कि विजयेंद्र को वरुणा से चुनाव ल़डने के लिए भाजपा का टिकट न देने के फैसले का भाजपा युवा मोर्चे ने सोमवार को जोरदार विरोध किया। यह विरोध मंगलवार को भी जारी रहा। मोर्चे के प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने पार्टी हाईकमान पर विजयेंद्र को टिकट देने या फिर चुनाव के बाद अपने निर्णय के बुरे असर की जिम्मेदारी स्वीकारने की मांग की। जहां सोमवार को हाईकमान के निर्णय का हिंसक विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं को खदे़डने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना प़डा था, वहीं मंगलवार को भी प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच जुबानी झ़डप देखने को मिली। मामला नियंत्रण से बाहर जाता देखकर पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर हल्का बल प्रयोग भी करना प़डा। माना जा रहा है कि वरुणा सीट पर लिए गए निर्णय के कारण भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ ही खुद बीएस येड्डीयुरप्पा को भी शर्मींदगी का सामना करना प़ड रहा है। येड्डीयुरप्पा ने पार्टी नेतृत्व के निर्णय का पूर्ण समर्थन किया था। वहीं, कार्यकर्ताओं का मानना है कि अगर पार्टी विजयेंद्र को वरुणा सीट पर मुख्यमंत्री सिद्दरामैया के पुत्र डॉ. यतींद्र के मुकाबले नहीं उतारती है तो इससे कांग्रेस को भाजपा की आलोचना करने का मौका मिल जाएगा।

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