दक्षिण भारत न्यूज नेटवर्कबेलगावी। संतश्री ललितप्रभसागरजी ने कहा कि हमारे पहनावे में शालीनता झलकनी चाहिए, ताकि कोई हमें देखे तो उसकी नजरों में दूषितता नहीं वरन् निर्मलता उभरकर आए। टाइम मैनेजमेंट साधने की प्रेरणा देते हुए संतश्री ने कहा कि हाथ पर बांधी जाने वाली घ़डी समय को देखने के लिए नहीं, समय पर चलने के लिए होती है। उन्होंने कहा कि जो समय पर चलता है समय सदा उसका साथ निभाता है। जीवन में कुछ कर दिखाने के लिए समय का पाबंद बनने की सीख भी संतश्री ने कहा कि लाइफ मैनेजमेंट में ही जीवन की हर सफलता का राज छिपा होता है। । वे यहां पांगुल गली में स्थित चन्द्रप्रभु जैन श्वेताम्बर मंदिर में आयोजित प्रवचन दे रहे थे। भाषा शैली को श्रेष्ठ बनाने की प्रेरणा देते हुए संतश्री ने कहा कि जब भी बोलें, सलीके से बोलना चाहिए। किसी को कोई काम बताना हो तो मिठास और सम्मान से बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिनसे भी मिलें प्रेम, मिठास और विनम्रता से मिलना चाहिए, ताकि लोगों को हमारा व्यवहार सदा याद रहे। सामने वाला भले ही घटिया व्यवहार करे, पर हमे ब़डप्पन दिखाना चाहिए और उसके साथ भी बढिया व्यवहार ही करना चाहिए। सुबह जल्दी उठने की सलाह देते हुए ललितप्रभजी ने कहा कि जल्दी उठने और जल्दी सोने वाले सदा स्वस्थ, बुद्धिमान और धनवान रहते हैं। जो उगता हुआ सूर्य देखते हैं उनके भाग्य भी सदा उदित रहते हैं और जो केवल डूबता हुआ सूर्य देखते हैं उनके भाग्य भी धीरे-धीरे डूब जाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से अभिभावकों को कहा कि वे स्वयं जल्दी जगें और अपने बच्चों को देर तक सोया हुआ न रहने दें। रविवार के दिन बच्चों को पार्क में घुमाने ले जाने, उन्हें योगाभ्यास, प्रार्थना और ध्यान करवाने व घर सहित कहीं भी बिखरे हुए सामान को व्यवस्थित रखना सिखाने की प्रेरणा देत हुए संतश्री ने कहा कि इससे बच्चे ऊर्जावान भी बनेंगे और परिवारजनों के लिए मददगार भी साबित होंगे।

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