मौजूदा वक्त में तनाव जीवन का एक अहम हिस्सा बनता जा रहा है। इससे चाहकर भी व्यक्ति पीछा नहीं छु़डा पाता, लेकिन लंबे वक्त तक रहने वाला डिप्रेशन आपकी याद्दाश्त की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। नए शोध में इसका खुलासा हुआ है। शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि जो व्यक्ति लगातार तनाव से ग्रसित रहते हैं उन्हें स्पेशियल (स्थानिक) स्मृति की परेशानी का सामना करना प़डता है। स्थानिक स्मृति मस्तिष्क का वह भाग है जहां विभिन्न जानकारी एकत्रित होती हैं। इसके साथ ही लंबे समय तक तनाव से व्यक्ति में सामाजिक परिहार की भावना विकसित होता है। ऐसा व्यक्ति मित्रों, परिवार और समाज से उन्मुख होने लगता है। शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान दिमाग में औसत दर्जे का परिवर्तन पाया और इनमें सूजन का सबूत मिला। जो बाहरी तनाव की वजह से हुआ था। यह शोध तनाव और मूड की समस्याओं के पीछे के रहस्यों को उजागर करने के लिए किया गया। इसके नतीजे उन लोगों के लिए मददगार हो सकते हैं जो तनाव, अवसाद, सदमा आदि समस्याओं से ग्रसित हैं। यह शोध ’’न्यूरोसाइंस’’ में प्रकाशित हुआ है।

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