वाशिंगटन। एक शीर्ष रिपब्लिकन सीनेटर ने मौजूदा उच्च-कौशल एवं मेधा-आधारित आव्रजन कानूनों में सुधार के लिए व्हाइट हाउस समर्थित आव्रजन विधेयक में संशोधन पेश किया है जिससे भारत जैसे देशों के प्रौद्योगिकी से जु़डे पेशेवरों को फायदा पहुंच सकता है।वरिष्ठ सीनेटर ओरिन हैच के संशोधन का लक्ष्य नियोजन आधारित ग्रीन कार्ड के लिए वार्षिक प्रति देश सीमा खत्म करना है ताकि कम आबादी वाले देशों की तुलना में भारत और चीन जैसे ज्यादा आबादी वाले देश के साथ भेदभाव नहीं हो।हैच ने संशोधन पेश करने के बाद बुधवार को कहा, मैंने बहुत पहले कहा था, उच्च कौशल आधारित आव्रजन मेधा-आधारित आव्रजन है। उन्होंने कहा, इसका आव्रजन सर्वश्रेष्ठ लोगों, सबसे जहीन और सर्वाधिक उच्च शिक्षा प्राप्त लोगों को लक्ष्य करता है। मैंने आज जो संशोधन पेश किया उसका फोकस आम समझ वाले सुधार पर है जो हमारी अर्थव्यवस्था में वास्तविक फर्क लाएगा। यह ग्रीन कार्ड लाइन में लोगों को अपना मुकाम खोए बिना अपनी नौकरी बदलने में सक्षम बना कर ग्रीन कार्ड की राह पर आगे ब़ढने की उनकी रफ्तार ब़ढाता है। यह पति या पत्नी को कार्य प्राधिकृत करने और शिक्षा उपरांत प्रशिक्षण से जु़डे़ मौजूदा नियमनों को संहिताबद्ध भी करता है। यह ग्रीन कार्ड के लिए प्रायोजित किए जा रहे अमेरिकी सकतकोत्तर धारियों को एच१बी की वार्षिक संख्यात्मक सीमा से मुक्त करता है और साथ ही कार्य प्राधिकरण के पहले साल लोगों को तीन माह से ज्यादा नियोजित नहीं करने वाली कंपनियों पर जुर्माना भी लगाता है।

LEAVE A REPLY