बेंगलूरु/ दक्षिण भारतअखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष राहुल गांधी के २६ अप्रैल से प्रस्तावित कर्नाटक दौरे के मद्देनजर पार्टी की प्रदेश इकाई ने विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की अंतिम सूची घोषित करने की कोशिशें तेज कर दी हैं्। बताया जाता है कि पार्टी की पहली सूची में २१८ प्रत्याशियों के नामों की घोषणा होने के बाद असंतुष्ट नेताओं की बगावत के मद्देनजर अब तक शेष सीटों के प्रत्याशियों के नाम फिलहाल तय नहीं किए गए हैं्। वहीं, बादामी सहित दो सीटों के प्रत्याशियों का भी निर्णय नहीं किया जा सका है। जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी २६ अप्रैल को गदग जिले से अपने दो दिवसीय कर्नाटक प्रचार दौरे की शुरुआत करेंगे। वह उत्तर कन्ऩड जिले के साथ ही कोडगु जिले के मडिकेरी विधानसभा क्षेत्र में भी अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में जनता के समर्थन की अपील करेंगे।घ्ैंत्त्श्नद्बह्र्यध् ·र्ैंर्‍ र्द्बर्‍ख्रप्य्द्यर्‍ ृट्ट·र्ैंर्‍ उल्लेखनीय है कि मडिकेरी विधानसभा सीट पर कांग्रेस की ओर से अधिवक्ता एचएस चंद्रमौलि को अपना प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा पिछले काफी समय से हो रही थी लेकिन पार्टी ने अपनी पहली प्रत्याशी सूची में उनका नाम आने के बाद उनका टिकट रोकने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि चंद्रमौलि किसी समय मेहुल चोकसी के अधिवक्ता रहे थे, जिनके खिलाफ पंजाब नेशनल बैंक से हजारों करो़ड रुपए का ऋण लेकर विदेश भाग जाने का आरोप लगा है। चूंकि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के मुद्दे पर खुद राहुल गांधी हर मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेर रहे हैं, इसलिए अंतिम समय में चंद्रमौलि का टिकट रोकने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सिद्दरामैया के विधिक सलाहकार बृजेश कालप्पा ने भी चंद्रमौलि को टिकट दिए जाने पर अप्रसन्नता जताई थी। वहीं, भाजपा और जनता दल (एस) ने मडिकेरी में चंद्रमौलि को कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने की आलोचना शुरू कर दी थी। भाजपा ने इस सीट पर अप्पाचू रंजन को अपना प्रत्याशी बनाया है।्यफ्सद्यय्द्बस्द्भय् ·र्ैंर्‍ र्द्बर्‍ख्रप्य्द्यर्‍ ख्रह् फ्र्‍ट्टह्र फ्ष्ठ?उल्लेखनीय है कि कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची जारी होने से पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरामैया के चामुंडेश्वरी और बादामी विधानसभा सीटों पर एक साथ चुनाव ल़डने की कयासबाजी जोरों पर थी। सूची जारी होने के बाद चामुंडेश्वरी सीट पर ही उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने की बात सामने आई थी। वहीं, अब दोबारा यह बात चर्चा में है कि मुख्यमंत्री बादामी से भी चुनाव ल़डेंगे। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इन सबके बीच ही मुख्यमंत्री ने आज चामुंडेश्वरी विधानसभा सीट से अपना नामांकन पर्चा भर दिया है। सूत्रों ने बताया कि सिद्दरामैया ने १८ अप्रैल की देर रात एआईसीसी के कर्नाटक प्रभारी महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉॅ. जी. परमेश्वर, कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष डीके शिवकुमार और अन्य वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ मैसूरु में एक बैठक की थी। इसमें बादामी से उनके चुनाव ल़डने के विषय पर विचार विमर्श किए जाने की जानकारी मिली है। बताया जाता है कि इस बैठक में सिद्दरामैया ने पार्टी के अन्य नेताओं पर इस बात का दबाव बनाया कि वह मुख्यमंत्री के दो सीटों पर चुनाव ल़डने का विरोध न करें्। माना जा रहा है कि मुख्यमंंत्री सिद्दरामैया खुद ही शनिवार को इस बारे में कोई अंतिम फैसला ले सकते हैं।ुु त्र·र्ैं फ्द्नर्‍ फ्र्‍ट्टह्र ·र्ष्ठैं र्द्बर्‍ख्रप्य्द्य त्रद्भ उधर, कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो पार्टी २३ अप्रैल तक अपने सभी २२४ प्रत्याशियों के नाम निर्धारित कर लेगी। जिन सीटों पर अंदरूनी खींचतान की वजह से उम्मीदवार तय नहीं किए जा सके हैं, उनकी भी सूची जल्द जारी कर दी जाएगी। कांग्रेस के फिलहाल शांतिनगर, कित्तूर, नागथन, सिंदगी, रायचूर और मेलुकोटे सीटों के प्रत्याशियों का निर्णय लेना है। सूत्रों ने पुष्टि की है कि पार्टी ने शांतिनगर से मौजूदा विधायक एनए हैरिस को ही मैदान में उतारने का निर्णय ले लिया है। उनके पुत्र मोहम्मद नलपा़ड से जु़डे विवाद के कारण पूर्व में पार्टी ने उनका टिकट रोकने का निर्णय लिया था। वहीं, शांतिनगर इलाके में उनके व्यापक जनाधार को देखते हुए पार्टी ने अंतत: उनको ही यहां से आजमाने का निर्णय लिया है। वहीं पार्टी ने कित्तूर और रायचूर सीटों के लिए क्रमश: डीबी इनामदार और सैयद यासीन के नामों पर मुहर लगाने का मन बना लिया है। पहली सूची में कहीं से प्रत्याशी नहीं बनाए जाने से निराशा जताते हुए इनामदार ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट संकेत दे दिया था कि वह जल्दी ही पार्टी छो़डने का कदम उठा सकते हैं्। जानकारों की मानें तो जागलूर सीट पर एएल पुष्पा को कांग्रेस का टिकट देने का निर्णय भी टाल दिया गया था। उन्हें टिकट देने का मौजूदा विधायक एचपी राजेश ने तग़डा विरोध किया था। पहली सूची में कांग्रेस ने नागथन, सिंदगी और मेलुकोटे के प्रत्याशियों के नाम भी घोषित नहीं किए थे। अब इन सीटों पर पार्टी ने ऐसे उम्मीदवारों को ख़डा करने का प्रयास शुरू कर दिया है, जिनके इन सीटों पर जीतने की संभावना बेहतर हो। वहीं, किसान नेता रहे पुट्टनैया के पुत्र और स्वराज पार्टी के टिकट पर मेलुकोटे से सियासत के मैदान में कूदे दर्शन पुट्टनैया को कांग्रेस ने अपना समर्थन देने का निर्णय लिया है।

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