चेन्नई। राज्य में बिजली उत्पादन और वितरण की कमान संभालने वाला तमिलनाडु बिजली उत्पादन एवं वितरण निगम (तांजेडको) पिछले कुछ वर्षों के दौरान नुकसान में रहने के कारण आलोचनाओं से घिरा रहा है। वर्ष दर वर्ष तांजेडको के नुकसान में वृद्धि देखी जा रही थी लेकिन अब इसने अपने नुकसान को कम करने की दिशा में कदम उठाना शुरु कर दिया है। तांजेडको के प्रयासों से इसके नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। तांजेडकोे ने राज्य में बिजली बेचने के बाद होने वाले अपने राजस्व को बढाने के लिए कुछ नए नियमों को लागू करने की योजना बनाई है। इन नए नियमों को तैयार करने में तांजेडको के अभियंता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी जुट गए हैं। सूत्रों के अनुसार अब राज्य में नागरिक जितनी बिजली का इस्तेमाल करना चाहते हैं, उसके लिए उन्हें पहले ही कीमत चुकानी होगी। विशेष रुप से ऐसे लोग, संस्थान या विभाग जो कि अक्सर ही बिल नहीं चुकाते, उनपर यह नया नियम लागू होगा। बिजली विभाग ऐसे उपभोक्ताओं के यहां लगे सामान्य डिजिटल मीटर को हटाकर प्रीपेड मीटर लगाएगा। इस संबंध में सभी तैयारियां जोरों पर है।झ्श्नर्‍झ्ष्ठठ्ठ द्बर्‍ट्टद्य ्यद्धज्ध्र्‍ क्वझ्त्र ब्ह्त्रष्ठ ब्र्‍ ख्रष्ठख्य् फ्रूघ्द्मय्सूत्रों के अनुसार प्रीपेड मीटर बिल्कुल प्रीपेड सिम कार्ड की तर्ज पर काम करते हैं। विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं करने अथवा अपने बिजली बिल का पूरी तरह से भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की औसत बिजली खपत के आधार पर तांजेडको उनकी मासिक खपत तय कर देगा। नियमित बिल नहीं चुकाने वाले सरकारी विभागों और दफ्तरों के साथ भी ऐसा ही किया जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड मीटर खरीदना अनिवार्य कर दिया जाएगा। इन मीटरों में एक तरह की घंटी लगी होगी, जो कि समय रहते उपभोक्ता को बता देगी कि वह अपने हिस्से की बिजली खर्च कर चुके हैं। फिर जबतक वह अपना अकाउंट रिचार्ज नहीं करेंगे तब तक उन्हें बिजली की आपूर्ति नहीं की जाएगी।्यद्यघ्य्ज्श्च ·र्ैंद्यय्द्मष्ठ ·र्ष्ठैं ्यध्ॅ ब्ह्रख्ष्ठ ·र्ैंंश्च ्यप्·र्ैंत्झ्मोबाइल में बैलेंस डलवाने के लिए जिस प्रकार का विकल्प उपभोक्ताओं के समक्ष होता है ठीक उसी प्रकार से बिजली आपूर्ति के लिए भी उपभोक्ताओं के सामने ५००, २०० और १०० रुपये के रिचार्ज कूपनों का इस्तेमाल कर अपना अकाउंट रिचार्ज कराने का विकल्प होगा। तांजेडको के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस नई व्यवस्था के कारण ना केवल विद्युत निगम को समय पर भुगतान मिल जाएगा, बल्कि इन मीटरों के कारण बिजली की चोरी को रोकने में भी मदद मिलेगी। इस नियम को लागू करने के लिए तांजेडको के अधिकारी फिलहाल तेलंगाना के विद्युत निगम द्वारा लगाए गए प्रीपेड मीटर प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल कर रहे हैं।ृ़द्भ द्यय्ःद्भह्र द्बष्ठ्र झ्ब्ध्ष्ठ फ्ष्ठ द्बह्रज्रूख्र ब्स् द्भब् झ्श्नह्लय्य्ध्र्‍ज्ञातव्य है कि कुछ अन्य राज्यों के बिजली वितरण निगम ने भी इस तरह के मीटर लगाए हैं। ज्यादातर सरकारी विभाग महीनों और वर्षों तक बिजली बिल का भुगतान नहीं करते। विशेष रुप से सरकारी विभाग तो इसके लिए काफी कुख्यात हैं। उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में विभिन्न सरकारी विभागों पर निगम का करीब ५०० करो़ड रुपए बकाया है। ऐसे सरकारी विभागों और दफ्तरों के लिए भी उनके औसत बिजली खपत के अनुसार उनकी मासिक बिजली खपत निर्धारित कर दी जाएगी। इन विभागों और कार्यालयों को तांजेडको से प्रीपेड मीटर खरीदने होंगे। मासिक खपत करने के बाद इन्हें रिचार्ज करवाना अनिवार्य होगा क्योंकि मासिक खपत पूरा होते ही मीटर बिजली की आपूर्ति करना बंद कर देगा।

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