hang the rapists
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जयपुर/दक्षिण भारत। बारह वर्ष से कम आयु की बच्चों से दुष्कर्म के मामले में कठोर सजा देने के लिए 21 अप्रेल, 2018 को यह दण्ड विधि संशोधन अस्तित्व में आया था। इसके बाद राजस्थान में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज तीन गंभीर आपराधिक मामलों में अब तक पुलिस ने शीघ्र अन्वेषण चालान पेश किया।

इनमें कोर्ट ट्रायल के बाद अब तक चार आरोपियों को मृत्युदण्ड की सजा दी जा चुकी है। महानिदेशक पुलिस ओपी गल्होत्रा ने बताया कि बताया कि बताया कि पॉक्सो एक्ट के मामलों में प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को त्वरित गति से अन्वेषण कर न्यायालय में यथाशीघ्र चार्जशीट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर मुल्जिमों को सजा दिलवाने में कामयाबी हासिल की।

डीजीपी गल्होत्रा ने बताया कि झालावाड़ कोतवाली में 14 फरवरी, 2018 को 6 वर्षीया बालिका से दुष्कर्म कर हत्या का मामला दर्ज होने पर मात्र 16 दिन में अनुसंधान कर 28 फरवरी, 2018 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई एवं न्यायालय ने 24 अगस्त, 2018 को अपराधी को मृत्युदण्ड की सजा सुना दी।

इसी प्रकार अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ में 10 मई, 2018 को दर्ज सात माह की बच्ची से हुए घृणित दुष्कर्म के मामले में मात्र 26 दिन में पड़ताल पूरी कर 6 जून, 2018 को न्यायालय में चार्जशीट पेश की गई। न्यायालय द्वारा मात्र 42 दिन में सुनवाई पूर्ण कर 21 जुलाई को अपराधी को मृत्युदण्ड की सजा सुनाई गई।

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