up cm yogi adityanath
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लखनऊ/वार्ता। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में सौभाग्य योजना के तहत 31 दिसम्बर तक प्रत्येक घर में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि युद्धस्तर पर मजरों के विद्युतीकरण और विद्युत संयोजन उपलब्ध कराने का कार्य किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह इस कार्य की समीक्षा किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसकी प्रगति से शासन को अवगत कराया जाए। उन्होंने ऊर्जा मंत्री और प्रमुख सचिव ऊर्जा को इस कार्य की पाक्षिक स्तर पर समीक्षा किए जाने की बात कही।

उन्होंने विद्युत कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ विद्युत चोरी और लाइन लॉसेज को कम करने के भी निर्देश दिए।मुख्यमंत्री शुक्रवार देर शाम यहां सौभाग्य योजना की प्रगति के सम्बन्ध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों और पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्युत संयोजन देने के मामले में खराब प्रगति वाले 15 जिलों लखीमपुर-खीरी, इलाहाबाद, गोण्डा, हरदोई, बहराइच, जौनपुर, सीतापुर, महराजगंज, फतेहपुर, फैजाबाद, बाराबंकी, शाहजहांपुर, प्रतापग़ढ, उन्नाव और आजमगढ़ के जिलाधिकारियों से कहा कि अभियान चलाकर विद्युत संयोजन और विद्युतीकरण के लक्ष्य को पूर्ण किया जाए।

उन्होंने कहा कि विद्युतीकरण और विद्युत संयोजन को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही, यह भी जरुरी है कि विद्युतीकरण के लिए प्रयोग में लाई जा रही सभी सामग्री निर्धारित गुणवत्ता की हो। इसके अलावा, मजरों एवं घरों में विद्युत कार्यों को निर्धारित मानक के अनुसार पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्युत संयोजन के कार्यों के लिए निरन्तर कैम्पों का आयोजन किया जाए।

इन कैम्पों के माध्यम से जागरूकता उत्पन्न करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को विद्युत संयोजन के सम्बन्ध में पूर्व सूचना दी जाए। उन्होंने कहा कि सौभाग्य रथ का निरन्तर भ्रमण सुनिश्चित हो और प्रचार-प्रसार के माध्यम से जनता को सौभाग्य योजना और विद्युत संयोजन के लिए जागरूक करते हुए जानकारी प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजरों में विद्युतीकरण के संतृप्तीकरण के लिए प्रारम्भ में वे मजरे लिए जाएं, जिनमें किसी नए इन्फ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता नहीं है अथवा काफी कम इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरुरत है।

उन्होंने कहा कि लगभग 35 लाख इन्फॉर्मल विद्युत संयोजनों को फॉर्मल संयोजनों में परिवर्तित करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि विद्युत संयोजनों और विद्युतीकरण के साथ-साथ उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक परिवार को विद्युत संयोजन और शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के लिए टीम भावना के साथ प्रभावी कार्य किया जाए। इसके लिए धनराशि की कमी नहीं है।

उन्होंने कहा कि सभी जिलों में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।योगी ने मैनपावर और मटीरियल की कमी को दूर किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यदाई संस्थाएं और एजेन्सियां विद्युतीकरण एवं विद्युत संयोजन के कार्यों में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों, विकासखण्डों, तहसीलों, मजरों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण और संयोजन सुनिश्चित किया जा चुका है, वहां पर प्रदर्शनियां लगाकर समारोह आयोजित किए जाएं। इनमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित हो।

इस अवसर पर ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सौभाग्य योजना के तहत 11 अक्टूबर, 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश में देश में सर्वाधिक 28.37 लाख विद्युत संयोजन हुए हैं। पिछले साल एक अप्रैल से कुल 47.60 लाख विद्युत संयोजन दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि माह सितम्बर एवं अक्टूबर में जिला प्रशासन के सहयोग से आंकलित लगभग 35 लाख इनफॉर्मल विद्युत संयोजनों में से अधिकाधिक घरों को विद्युत संयोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

सभी मजरों में विद्युतीकरण का कार्य चरणबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाएगा। माह सितम्बर व अक्टूबर में अविद्युतीकृत एवं आंशिक विद्युतीकृत मजरों में इन्फ्रास्ट्रक्चर सृजन के लिए अभियान चलाया जाएगा। दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत वर्ष 2017-18 में 6,1058 मजरों का विद्युतीकरण किया गया। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा, नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, ग्राम्य विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. महेन्द्र सिंह, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण संजय अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज राजेन्द्र तिवारी, प्रमुख सचिव नगर विकास श्री मनोज कुमार सिंह, सचिव मुख्यमंत्री मृत्युंजय कुमार नारायण सहित पावर कॉरपोरेशन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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