नई दिल्ली/वार्ताप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात में वह दोनों देशों के बीच संबंधों की रणनीतिक एवं दीर्घकालिक दृष्टिकोण से समीक्षा करेंगे। मोदी चीनी राष्ट्रपति के साथ अनौपचारिक शिखर वार्ता में भाग लेने के लिए दो दिन की यात्रा पर आज शाम पश्चिमी मध्य चीन के प्रमुख शहर वुहान रवाना हो गए। प्रधानमंत्री ने अपने यात्रा पूर्व वक्तव्य में कहा, मैं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अनौपचारिक शिखर बैठक के लिए २७-२८ अप्रैल २०१८ को वुहान की यात्रा पर जा रहा हूं। राष्ट्रपति शी और मैं द्विपक्षीय और वैश्विक महत्व के अनेक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।उन्होंने कहा, हम राष्ट्रीय विकास के लिए हमारी दूरदर्शिता और प्राथमिकताओं, खासतौर से वर्तमान और भविष्य की अंतर्राष्ट्रीय स्थिति के बारे में बातचीत करेंगे और रणनीतिक और दीर्घकालिक संदर्भ में भारत-चीन के संबंधों की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे।सूत्रों के अनुसार वुहान में इस बैठक का अधिकारियों द्वारा परस्पर तय कोई औपचारिक एजेंडा नहीं होगा औरयह बातचीत प्रोटोकॅल के बंधन से मुक्त होगी। ना तो इसको लेकर दोनो पक्षों की ओर से कोई संयुक्त दस्तावेज या बयान जारी किया जाएगा और ना ही किसी समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। बैठक में दोनों नेताओं के बीच खुलकर बात होगी, हालांकि इसमें किसी विशिष्ट निर्णय होने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि बातचीत का क्या नतीजा निकलेगा, यह बातचीत खत्म होने के बाद ही पता चलेगा। इस बारे में दोनों पक्ष उस समय की परिस्थिति के अनुसार अपने-अपने मीडिया को जानकारी दे सकते हैं।

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