टोक्यो/दक्षिण भारतजापान दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जापान और भारत के संबंधों में हिंद और प्रशांत महासागर की तरह गहराई है। उन्होंने कहा कि २१वीं सदी एशिया की सदी है।हम दोनों देशों के बीच २ प्लस २ वार्ता के लिए सहमति बनी। मोदी ने कहा कि जापान में रग्बी विश्वकप और ओलिंपिक खेलों का आयोजन होने वाला है। उन्होंने इसके लिए जापान को शुभकामनाएं दी हैं्। मोदी ने कहा कि भारत और जापान का इरादा विश्व शांति को ब़ढावा देना है।मोदी और शिंजो आबे के बीच शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच हाई स्पीड रेल परियोजना और नौसेना सहयोग समेत छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं्। इस अवसर पर साझा बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश डिजिटल पार्टनरशिप से साइबर स्पेस, स्वास्थ्य, रक्षा, समुद्र से अंतरिक्ष में सहयोग ब़ढाने के लिए सहमत हुए हैं्। इसके अलावा मोदी को इस बात से अवगत कराया गया कि जापानी निवेशक २.५ बिलियन डॉलर का निवेश करेंगे।प्रधानमंत्री मोदी ने जापान सरकार द्वारा टोक्यों में किए गए उनके भव्य स्वागत को आत्मीयता से परिपूर्ण और अविस्मरणीय बताया। उन्होंने जापान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस देश ने सिखाया कि मानव विकास पुरातन और नवीनतम के बीच टकराव नहीं है। मोदी ने कहा कि जापान ने दोनों के बीच सामंजस्य को अपनाया है। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच गहरी समानता है। मोदी ने दोनों देशों के संबंधों को लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आईटी के क्षेत्र में ब़डी शक्ति है। अगर जापान का हार्डवेयर और भारत का सॉफ्टवेयर मिल जाए तो कमाल हो सकता है। अपने बयान में जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने दोनों देशों के संबंधों को विश्व के सबसे अच्छे द्विपक्षीय संबंधों में से एक बताया। शिंजो आबे ने प्रधानमंत्री मोदी की खूब तारीफ की। उन्होंने मोदी को क़डे फैसले लेने वाला और मजबूत नेता बताया है। शिंजो आबे ने कहा कि जापान और भारत रक्षा, अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र में सहयोग को मजबूती देने के लिए सहमत हुए हैं्।

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