दक्षिण भारत न्यूज नेटवर्कबेंगलुरु । यहां संभवनाथ जैन भवन में बुधवार को मुमुक्षु ॠषभकुमार ओबाणी का सम्मान कार्यक्रम आयोजित हुआ। इससे पूर्व वीवीपुरम स्थित त्रिशला रेजीडेंसी से भवन तक रथ पर बैठकर चल रहे मुमुक्षु की अनुमोदना में निकाले गए वरघो़डे में महिलाओं के द्वारा मंगलगीतों की प्रस्तुतियों व जयकारों की गूंज रही। अपने सम्मान के अवसर पर मुमुक्षु ऋषभकुमार ने संसार की असरता का जिक्र करते हुए कहा कि संयम में जो सच्चा आनंद है, वह संसार के किसी भी सुख भोग में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सच्चा सुख चाहिए तो परमात्मा महावीर के शासन में इस संयम मार्ग पर ब़ढना ही होेगा। कार्यक्रम में मुमुक्षु ऋषभ को पोसाणा प्रवासी जैन संघ एवं आयोजक संघवी मांगीलाल दानमल सुजाणी आदि ने माला पहनाकर, शॉल ओ़ढाकर एवं अभिनन्दन पत्र भेंट कर सम्मानित किया। मुमुक्षु के माता-पिता का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में चिकपेट संघ के ट्रस्टी त्रिलोकचंद भंडारी ने संयम अनुमोदना के विचार व्यक्त किए। संचालन विक्रम गुरुजी ने किया।

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