judgement on kawal kand
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मुजफ्फरनगर/दक्षिण भारत। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित कवाल में साल 2013 में दो भाइयों की हत्या मामले में स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। एडीजे कोर्ट ने सभी सात दोषियों के लिए उम्रकैद का ऐलान किया है। सभी दोषियों पर दो-दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इस राशि में से 80 प्रतिशत रकम पीड़ित परिवारों को दी जाएगी। अदालत ने बुधवार को ही इन्हें दोषी करार दिया था। वहीं अदालत के फैसले के बाद दोषियों के परिजनों ने खूब हंगामा किया। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।

बता दें कि 27 अगस्त, 2013 को जानसठ कोतवाली क्षेत्र के कवाल गांव में मलिकपुरा के गौरव और उसके ममेरे भाई सचिन की हत्या कर दी गई थी। दोनों युवकों और आरोपियों में मोटरसाइकिल की टक्कर के बाद विवाद हुआ था। इसके बाद मुजफ्फरनगर और शामली में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे। आरोपी पक्ष के एक शख्स शाहनवाज की भी विवाद में मौत हो गई थी। वहीं सांप्रदायिक दंगों में 60 से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई थी और सैकड़ों बेघर हो गए थे। उस समय यह मामला देशभर में सुर्खियों में रहा और उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार की काफी आलोचना हुई थी।

अब अदालत ने मुजस्सिम, मुजम्मिल, फुरकान, नदीम, जहांगीर, अफजल और इकबाल को हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई है। इनके खिलाफ गौरव के पिता रविंद्र सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। दूसरी ओर मृतक शाहनवाज के पिता ने भी सचिन और गौरव के अलावा उनके परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। फैसले के बाद गौरव के पिता रविंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें अदालत पर भरोसा था। इसके अलावा गौरव की मां ने कहा कि आरोपियों को मौत की सजा मिलनी चाहिए, जिन्होंने बिना वजह मेरे बेटे को मार दिया। दूसरी ओर, सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी पक्ष अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है।

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