मदुरै। मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ के आदेश के बाद शुक्रवार को जिला कलेक्टर के वीरराघव राव और राजस्व विभाग के उच्च अधिकारियों ने यहां मीनाक्षी अम्मन मंदिर परिसर का दौरा किया है। उन्होंने न्यायालय के निर्देशानुसार मंदिर परिसर के आसपास स्थित फूलों की २२ दुकानों सहित सभी १३७ दुकानों को मंदिर से दूर स्थानांतरित करने के कार्य का निरीक्षण किया। उच्च न्यायालय की पीठ ने शुक्रवार सुबह यह आदेश दिया था कि शुक्रवार को ही १२ बजे से पहले इन दुकानों को मंदिर से दूर स्थानांतरित किया जाए।मदुरै मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर शॉप ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजू नागुलू ने उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ के समक्ष दायर की गई याचिका में मंदिर परिसर से सभी १३७ दुकानों को स्थानांतरित करने के मंदिर प्रशासन और जिला कलेक्टर के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। अदालत से याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय से कहा था कि यदि ऐसा किया जाता है तो मंदिर परिसर में स्थित सभी दुकानदारों के परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। राजू नागलु ने अपनी याचिका में कहा था कि दुकान के मालिक मासिक किराया नियमित रूप से मंदिर प्रशासन को भेज रहे हैं और मंदिर प्रशासन इससे २ लाख रुपए की मासिक आय अर्जित कर रहा है। दुकानों में केवल पूजा सामग्री और धार्मिक किताबें बेची जाती हैं। याचिकाकर्ता ने हाल ही में मंदिर के हिस्से में लगी आग के लिए मंदिर प्रशासन को दोषी ठहराते हुए कहा था कि रात के वक्त पूरे मंदिर के लिए केवल एक सुरक्षा गार्ड और एक इलेक्ट्रीशियन की नियुक्ति की गई थी जोकि इस विशाल मंदिर की देखरेख के लिए पर्याप्त नहीं थे। याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया था कि यदि और अधिक इलेक्ट्रीशियनों को नियुक्त किया जाता तो यहां पर आग लगने की दुर्घटना को टाला जा सकता था।

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