uyghur muslims in china
uyghur muslims in china

लंदन। कई अंतरराष्ट्रीय संस्थान चीन में मुसलमानों की स्थिति पर चिंता जता चुके हैं। अब ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) नामक संगठन ने आरोप लगाया है कि चीन सरकार वहां रहने वाले उइगर मुसलमानों पर कड़ी नजर रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल कर रही है। इसके तहत इन लोगों के घरों के बाहर क्यूआर कोड सिस्टम लगाए जा रहे हैं। एचआरडब्ल्यू ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चीन इन मुसलमानों पर कई पाबंदियां लगा चुका है।

चीन अपने शिनजियांग प्रांत में मुसलमानों पर सख्ती के लिए कई तरह के सख्त नियम लागू कर चुका है। वहां कुछ खास नामों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके ​अलावा तय लंबाई से बड़ी दाढ़ी और रोज़ा रखने तक पर कई तरह की पाबंदियां चर्चा में रहती हैं। दुनिया के कई संगठन ऐसे नियमों का विरोध कर चुके हैं। उन्होंने इसे अमानवीय बताया है।

एचआरडब्ल्यू ने कहा है कि क्यूआर कोड सिस्टम लगाने के बाद जब किसी सरकारी अधिकारी या पुलिसकर्मी को संबंधित परिवार की जानकारी लेनी होती है तो वह क्यूआर कोड से ले लेता है। इससे ये घर तुरंत पहचान में भी आ जाते हैं। एचआरडब्ल्यू ने कहा है कि इस तरह चीन सरकार मानवाधिकारों पर हमला कर रही है। संगठन की निदेशक सोफी रिचर्डसन ने कहा है कि यहां मानवाधिकारों को पिछले कई दशकों से अनदेखा किया जा रहा है।

दूसरी ओर चीनी प्रशासन के अपने तर्क हैं। उसका कहना है कि क्यूआर कोड के जरिए उसे प्रशासनिक कार्यों में आसानी होती है। इससे जनगणना और सरकारी सेवाओं का लाभ घरों तक पहुंचाने में मदद मिलती है। शिनजियांग से गए एक शख्स ने एचआरडब्ल्यू को अपनी आपबीती सुनाई और दावा किया कि वहां मुसलमानों पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई हैं।

उसने बताया कि सरकारी अधिकारी पूरी जानकारी रखते हैं कि घर में कितने लोग हैं। यदि कोई मेहमान आता है तो उसके बारे में पूछताछ की जाती है। उसके आने के मकसद के बारे में पूछा जाता है। कई बार अचानक निरीक्षण ​किया जाता है। सरकार ने उनसे डीएनए और आंख व अंगुलियों के जैविक निशान, आवाज के नमूने आदि ले लिए हैं। सरकार यहां के लोगों का पूरा डेटा इकट्ठा करती है।

उइगर मुसलमानों पर लागू ऐसे नियमों का काफी स्थानों पर विरोध किया गया है। दूसरी ओर चीन सरकार के समर्थन में भी तर्क दिए जाते हैं। कहा जाता है कि शिनजियांग में कई दशकों से अलगाववादी सक्रिय हैं। वे इस इलाके का बंटवारा कर अलग मुस्लिम राष्ट्र बनाना चाहते हैं। इसलिए चीन अपने इस इलाके को लेकर बहुत चौकस रहता है।

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