चेन्नई। राज्य के एक सरकारी अस्पताल में एक ऐसा मामला देखने को मिला जहां बच्चों को अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए भीख मांगनी प़डी। जानकारी के अनुसार विजया नाम की महिला के पति की मौत ९ वर्ष पहले हो गई थी। अपने दो बेटों और एक बेटी को पालने के लिए विजया तब से ही मजदूरी कर रही थीं। घर की हालत देखकर दोनों बेटे भी बाल-मजदूरी करने को मजबूर हैं। कुछ महीने पहले जब पता चला कि विजया को ब्रेस्ट कैंसर है तो घरवालों के लिए और मुश्किलें ब़ढ गई। विजया बिस्तर पर प़डी थीं लेकिन कोई रिश्तेदार भी मदद को सामने नहीं आया। उन्होंने अपनी बेटी कलीश्वरी को एक चाइल्ड केयर सेंटर में भेज दिया। प़डोसियों की मदद से किसी तरह बेटों ने विजया को डिंडीगुल के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। विजया की मौत के बाद उनके बेटों के पास अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे। कोई और चारा ना देखकर दोनों ने अस्पताल परिसर में ही भीख मांगना शुरु कर दिया। भीख से पैसे जुटाने के बाद दोनों बच्चों ने अपनी मां का अंतिम संस्कार किया।

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