श्रवणबेलगोला। भगवान बाहुबली के महामस्तकाभिषेक महोत्सव में यहां पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भगवान बाहुबली जैसे अनेक समाज सुधारक या संत भारत भूमि में पैदा हुए हैं। भारतीय इतिहास में ऐसे बहुत सारे उदाहरण मिल जाएंगे। जब-जब समाज गलत रास्ते की ओर ब़ढा, तब-तब ऐसे समाज सुधारक देश में पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि बाहुबली ने त्याग से शांति और अहिंसक तरीके से समाज में शांति स्थापित करने के पैरोकार थे। उनका जीवनदर्शन विश्व को राह दिखाने वाला है।उन्होंने कहा कि वे प्राचीन भारत के एक सर्वश्रेष्ठ समाज सुधारक थे, जिन्होंने समाज को हिंसा से अहिंसा की ओर जाने का मार्ग दिखाया। ऐसे व्यक्ति लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत होते हैं्। जहां उनका जन्म होता है, वह स्थान लाखों’’लाख लोगों के लिए एक तीर्थ भूमि बन जाती है। प्रधानमंत्री ने कहा, इस स्थान पर आना मेरा सौभाग्य है। यहां पहुंच कर मैं धन्य-धन्य महसूस कर रहा हूं्। मेरा आना ऐसे समय में हुआ, जब यहां १२ वर्षों में एक बार होनेवाला महामस्तकाभिषेक का महापर्व चल रहा है।’’इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विंध्यगिरि की नयी निर्मित ६३० सीि़ढयों और बाहुबली जनरल अस्पताल का भी उद्घाटन किया। गौरतलब है कि विंध्यगिरि पर्वत पर ही ५८.८ फीट ऊंची गोमटेश्वर बाहुबली की मूर्ति है। कर्नाटक में जैन मठ की सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उद्घाटित जनरल अस्पताल गरीबों की लंबे अरसे तक सेवा करता रहेगा। ऐसे संगठन शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को ब़ढावा देने के लिए दूसरों को भी प्रेरित करते हैं और एक बेहतर समाज का निर्माण करते हैं।प्रधानमंत्री ने कहा, ऐसी ही सोच से प्रेरित होकर एनडीए सरकार ने विश्व की सबसे ब़डी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत की शुरूआत की है, जिसका लाभ ५० करो़ड गरीबों व मध्यवर्ग उठा सकेंगे। इससे हर गरीब परिवार को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल सकेगी और वे प्रतिवर्ष पांच लाख तक का बीमा का लाभ उठा पाएंगे।’’उन्होंने समाज के फायदे और गरीबों की मदद के लिए उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि, मैं लाभकारी निर्णय लेता हूं और स्वास्थ्य योजना एक ऐसा ही एक कदम है।’’

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