दक्षिण भारत न्यूज नेटवर्ककोचीन। तेरापंथ धर्मसंघ की साध्वीश्री प्रज्ञाश्रीजी आदिठाणा-४ का यहां आगमन पर बाफना फेक्ट्री से १४ किलोमीटर का पदविहार सेवा करते हुए देहराबासी, स्थानकवासी व तेरापंथी श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। इस अवसर पर साध्वीवृंद ने गुजराती व राजस्थानी प्रवासी श्रावक-श्राविकाओं की जिनशासन की प्रभावना के प्रति अनुमोदना की व सामूहिक पार्श्व स्तुति का संगान किया। साध्वीश्री प्रज्ञाश्रीजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कारों पर व रहन-सहन पर पाश्चात्य संस्कृति का ज्यादा प्रभाव प़ड रहा है। उन्होंेने कहा कि भावी पी़ढी को धार्मिक संस्कारों का पोषण मिलना जरुरी है। शहर में नियमित रुप से प्रतिदिन पाठशाला व ज्ञानशाला के संचालन की प्रंशसा करते हुए उन्होंने पारिवारिक प्रेम व सौहार्द ब़ढाये जाने के अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ सभा व महिला मंडल के पदाधिकारी व सदस्य ब़डी संख्या में उपस्थित थे।

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