कोलकाता। न्याय के बारे में अक्सर यह कहा जाता है कि कम से कम किसी बेगुनाह को तो सजा नहीं होनी चाहिए। पश्चिम बंगाल में एक ऐसा मामला सामने आया है जो सबको सोचने पर मजबूर कर देगा। यहां एक शख्स 14 साल तक जेल में रहा। उसकी मौत भी हो गई। अब जब न्यायालय का फैसला आया है तो मालूम हुआ कि वह निर्दोष था।

जानकारी के अनुसार, जेल में 14 साल बिताने वाले बिमलेंदु पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप लगा था। इस संबंध में जो फैसला पूर्व में आया, उस पर कोलकाता उच्च न्यायालय ने दखल दिया और बिमलेंदु की रिहाई का फैसला आया, लेकिन तब तक वे इस दुनिया से जा चुके थे। न्यायालय ने पाया कि बिमलेंदु इस मामले में दोषी नहीं थे।

बिमलेंदु को 2004 में पत्नी की हत्या के आरोप में उम्र कैद सुनाई गई थी। उन्होंने बांकुरा न्यायालय के ​फैसले के खिलाफ कोलकाता उच्च न्यायालय में अपील की थी। बिमलेंदु की आर्थिक हालत बहुत खराब थी। वे अपने लिए एक वकील तक नहीं कर पाए। करीब 13 साल बाद न्यायाधीश ने इस मामले को देखा तो एक वकील से आग्रह किया कि वह बिना फीस लिए यह केस लड़े। इस तरह आगे की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन बिमलेंदु खुद को निर्दोष साबित होने का दिन नहीं देख पाए।

अब सभी आरोप हटाकर उन्हें दोषमुक्त घोषित कर दिया गया है। बिमलेंदु की 29 दिसंबर, 2016 को मौत हो चुकी है। वे बंगाल के बांकुरा जिले के निवासी थे। 13 अगस्त, 2002 को उनकी अनिमा का शव झील में पाया गया। बाद में जब उनका पोस्टमार्टम हुआ तो मौत की वजह जहर बताई गई। अनिमा के भाई ने उन पर मामला दर्ज कराया था।

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