लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदेश की महिलाओं को हार्दिक बधाई देते हुए कहा है कि वर्तमान समय में नारी शक्ति ने स्वयं को आत्मनिर्भर बनाते हुए देश और समाज को भी आगे ब़ढाने का काम किया है।योगी ने गुरुवार को यहां महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नए भारत के सपने को साकार करने के लिए महिलाओं को सशक्त, सबल और देश के समग्र विकास में बराबर का भागीदार बनाना आवश्यक है। इसके दृष्टिगत केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं।उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा ’’बेटी बचाओ-बेटी प़ढाओ’’ अभियान चलाया जा रहा है। बेटियों को सशक्त करने के लिए ’’सुकन्या समृद्धि योजना’’ के तहत इन्हें आर्थिक बल प्रदान करने के लिए १.२६ करो़ड बैंक खाते खोले गए। उज्ज्वला योजना के माध्यम से ३.२ करो़ड मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिए गए। इससे गरीब महिलाओं को चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्त भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारम्भ हो रहा है।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं के लिए ६,००० रुपए की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत देश में १६.४२ करो़ड महिलाओं के बैंक खाते खुलवाए गए। मुद्रा योजना के माध्यम से ७.८८ करो़ड महिला उद्यमियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मुद्रा लोन दिया जा रहा है। इसी प्रकार स्टैंड अप इंडिया के माध्यम से ६८९५ करो़ड रुपए का लोन महिला उद्यमियों को दिया गया। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं को पूरी सुरक्षा देने के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। कोई भी समाज बिना महिलाओं के योगदान के विकास नहीं कर सकता। इसके दृष्टिगत सत्ता में आते ही प्रदेश सरकार द्वारा एण्टी रोमियो स्क्वायड के गठन जैसे कई प्रभावी कदम उठाये गये हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी पीि़डत महिला अथवा बालिका इससे सहायता प्राप्त कर सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में ’’१८१’’ महिला हेल्पलाइन एवं रेस्क्यू वैन का संचालन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षित समाज ही राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकता है। इसको के्द्रिरत करते हुए बालिका शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य सरकार बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए कृतसंकल्पित है। सकतक स्तर तक की सभी बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा दिलाने के लिए ’’अहिल्याबाई निःशुल्क शिक्षा योजना’’ संचालित की जा रही है। वर्ष २०१८-१९ के बजट में राज्य सरकार द्वारा इस योजना के लिए २१ करो़ड रुपए की धनराशि प्रस्तावित की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष २०१८-१९ के बजट में महिलाओं के उत्थान के लिये कई प्राविधान किए हैं। महिला एवं बाल कल्याण के विभिन्न कार्यक्रमों के लिये लगभग आठ हजार ८१५ करो़ड रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। किशोरी बालिका सशक्तिकरण योजना सबला के लिये लगभग ३५१ करो़ड रुपए की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार पुष्टाहार कार्यक्रम के अन्तर्गत समन्वित बाल विकास परियोजनाओं में पोषाहार के लिये तीन हजार ७८० करो़ड रुपये की व्यवस्था के साथ ही शबरी संकल्प योजना के लिए ५२४ करो़ड रुपए की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत निराश्रित विधवाओं के भरण-पोषण अनुदान के लिए एक हजार २६३ करो़ड रुपए का प्राविधान बजट में किया गया है।

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